अपने जिले में 24 घंटे के अंदर 5.83 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस अभियान पर आसमान से नजर रखी जाएगी। जीपीएस के जरिये इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। गूगल मैपिंग के कारण इसमें कोई गड़बड़ी करना आसान नहीं होगा। तीन आडिटर और तीन गवाह भी मौके पर होंगे।
अभियान को लेकर शुक्रवार को विकास भवन सभागार में सीडीओ डीएस सचान की अध्यक्षता में वन विभाग और दूसरे विभागों के अधिकारियों ने एक कार्यशाला की। जुलाई में कौन सा विभाग कितने पौधे रोपेगा शासन ने इसका लक्ष्य निर्धारित कर इस संबंध में पत्र भेजा था। वन विभाग को 2.5 लाख, डीआरडीए को 2.6 लाख पौधे रोपने हैं।
सिंचाई विभाग को 30 हजार पौधों का लक्ष्य दिया गया है। अन्य विभागों को भी इसी तरह लक्ष्य दिया गया है। सीडीओ ने सभी विभागों को दो मार्च तक साइट चिह्नित करने के आदेश दिए हैं। 21 मार्च तक गड्ढे खोदने और आवश्यक सामान जुटाने का कार्य पूरा किया जाएगा। कार्यशाला में पौधारोपण अभियान का लक्ष्य संशोधित किया गया। किसको क्या करना है यह तय किया गया। साइट चयन के आदेश दे दिए गए हैं। डीएस सचान, सीडीओ
जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में तय हुआ था कि सभी विभाग एक सप्ताह में साइट का चयन की सूचना विभाग को देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। डीपी गुप्ता, डीएफओ