न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
एक ही सफ में खड़े हो गए महमूद-ओ-अयाज, न कोई बंदा रहा और न ही कोई बंदा नवाज। ऐसा ही नजारा कोरोना महामारी के बाद पहली बार ईदगाह और मस्जिदों में हुई नमाज में देखने को मिला। सजदे में सिर रखने के बाद हजारों हाथ मुल्क में अमन-चैन और तरक्की की दुआ के लिए मंगलवार को सुबह ईद की नमाज के दौरान उठे। शाहजमाल स्थित ईदगाह में नमाज के लिए भीड़ इतनी थी कि लोगों को सड़क पर नमाज पढ़नी पड़ी। पुुरानी ईदगाह में भी ईद की नमाज पढ़ी गई। ईद की नमाज कारी शाहदिल ने पढ़ाई।
नमाज के दौरान ईदगाह में तकरीर करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने मुल्क की बेहतरी के लिए दुआ की। उन्होंने कहा कि मुल्क में अमन - चैन कायम रहे। इसके लिए सभी को कोशिश करनी चाहिए। यह त्योहार आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। सभी को आपसी मजहबी दीवारें तोड़कर एक-दूसरे के साथ प्रेम से मिल जुल कर रहना चाहिए। लाउडस्पीकर मामले पर कहा कि हुकूमत के फैसले पर सभी को अमल करना चाहिए। किसी को कोई परेशानी भी न हो। लेकिन जहां ज्यादा तादाद में लोग नमाज पढ़ने आते हैं तो वहां लाउडस्पीकर की जरूरत इसलिए होती है कि इमाम की आवाज नमाजियों तक पहुंचे और उनकी नमाज मुकम्मल हो सके।
1992 के दंगे के बाद पहली ईद की नमाज मोहल्लों की गलियों में पढ़ी गई
समाजसेवी गुलजार अहमद ने कहा कि 1992 में दंगा के बाद यह पहला मौका है, जब ईद की नमाज मोहल्लों की मस्जिदों में पढ़ी गई। नहीं तो ईदगाह में काफी भीड़ होती। दंगा के बाद लोगों ने ईद की नमाज लोगों ने अपने मोहल्लों की मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी थी। कोरोना महामारी के बाद भीड़ जुटने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन शहर मुफ्ती को अपने मोहल्लों की मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए बार-बार अपील करनी पड़ी थी। यही वजह रही कि भीड़ कम थी। फिर भी लोगों का फज्र यानी सुबह की नमाज पढ़ने के बाद ही ईदगाह में आना शुरू हो गया था। अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज की छात्रा जो कई दिनों से लापता है, उसको तलाशनेे के लिए दुआ भी की गई। नमाज मुकम्मल होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
सियासी नुमाइंदों ने दी मुबारकबाद
शाहजमाल स्थित ईदगाह में ईद की मुबारकबाद देने सियासी पार्टियों के लोग भी पहुंचे। इनमें पूर्व सासंद बिजेंद्र सिंह, मेयर मोहम्मद फुरकान, सपा नेता सलमान शाहिद, अज्जू इशहाक, कांग्रेस नेता परवेज अहमद, सपा नेता मनोज यादव, अब्दुल हमीद घोसी, नूर अफजल आजाद, प्रसपा नेता बाबा फरीद आजाद आदि शामिल हैं। उन्होंने एक-दूसरे के गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। सियासी पार्टियों के कैंप भी लगे थे। यह पहला मौका है जब डीएम और एसएसपी ईदगाह नहीं पहुंचे।
यहां भी पढ़ी गई ईद की नमाज
जमालपुर स्थित ईदगाह में नमाज पढ़ी गई। ऊपरकोट जामा मस्जिद, एएमयू जामा मस्जिद, बड़ी मस्जिद सर सैयद नगर सहित सभी मस्जिदों में ईदगाह की नमाज पढ़ी गई। मस्जिद में तकरीर भी हुई, जहां इमाम ने त्योहार का मकसद बताया। नमाजियों ने ईद की नमाज पढ़ी। इसके बाद लोगों से गले मिले और मुबारकबाद दी।
चाक - चौबंद रही सफाई
नगर निगम द्वारा ईदगाह और उसके आसपास साफ - सफाई की चाक - चौबंद व्यवस्था की गई। वहीं ईद की नमाज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम भी किए गए।
बच्चों को मिली ईदी
ईद की नमाज के बाद लोगों ने अपने - अपने रिश्तेदारों और परिचित के यहां जाकर सिवईं खाई। वहीं, बच्चों को ईदी भी मिली। ईदी पाकर बच्चों के चेहरे खिल गए। हिंदू भाइयों ने अपने परिचित मुस्लिम के घर पर जाकर सिवईं खाई और ईद की मुबारकबाद दी।