लक्षणरहित कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन की हरी झंडी मिल गई है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ बैठक में मंगलवार को इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि इसे किस तरह लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासनादेश में कई ऐसे बिंदु है, जिस पर गहनता से विचार करना होगा।
होम आइसोलेशन की अनुमति तो मिल गई है, लेकिन इसके साथ शर्तें भी जुड़ी हुई है। होम आइसोलेशन के लिए घर में दो बाथरूम होना जरूरी है। एक आदमी सेवा के लिए चाहिए। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम जाकर देखेगी और किसी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाएगा। हाई रिस्क वाले मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं होगी। जानकारों का कहना है कि होम आइसोलेशन से लोग मेंटल ट्रॉमा से बचेंगे। पसंद व स्वाद का खाना भी मिलेगा। सरकार के ऊपर से भी लोड कम होगा। यह भी कहा जा रहा है कि होम आइसोलेशन के बाद जांच की संख्या बढ़ेगी। लोग खुद जांच कराने जाएंगे।
रोज 600 कोरोना जांच
स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोज करीब 600 लोगों का नमूना कोरोना जांच के लिए लिया जा रहा है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि करीब 600 लोगों की रिपोर्ट भी रोज आ रही है। दीनदयाल चिकित्सालय में जांच शुरू होने के बाद संख्या में और इजाफा होगा। उन्होंने बताया कि अभी 3 हजार एंटीजन किट आया है। सभी 12 ब्लाकों के सीएचसी एवं पीएचसी पर 100-100 भेज दिया गया है। 300 किट शहरी क्षेत्रों में दिया गया है। मलखान सिंह जिला अस्पताल, दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय, महिला अस्पताल तथा जेएन मेडिकल कॉलेज को 250-250 किट दिया गया है। एक-दो दिन में 10 हजार किट लखनऊ से मंगाएंगे।