न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
मडराक में पिछले दो दिन में कट्टी को ले जाए जा रहे पशुओं से लदे ट्रकों को पकड़ने के मामले में पुलिस की फजीहत हो रही है। एक तरफ तो पुलिस द्वारा जिस गोशाला को पशु सुपुर्द किए गए थे, उसके संचालक पर जबरन रुपये लेकर पशु वापस करने का आरोप लगा है। वहीं, एक मामले में थाने से आरोपियों को छोड़ने के नाम पर 15 हजार रुपये लेने का आरोप लगा है। दोनों मामलों में जहां मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। वहीं, पूरे प्रकरण की एसपी देहात स्तर से जांच की जा रही है।
पहला मुकदमा आगरा के कागारौल क्षेत्र के हताई निवासी मुवीन ने दर्ज कराया है। आरोप है कि 15 अक्तूबर को उसके ट्रक से पुलिस ने 12 पशु पकड़े, जिन्हें सासनी गेट के ब्रज मोहन उपाध्याय को सुपुर्द किया गया। बाद में उन पशुओं को वापस सौंपने के नाम पर ब्रजमोहन उपाध्याय ने 50 हजार रुपये लिए और दूसरी किस्त में एक लाख रुपये अपने घर बुलाकर बंधक बनाकर छीन लिए। इस तरह पुलिस ने मामले में लूट का मुकदमा दर्ज किया है।
दूसरा मामला सादाबाद के इरशाद ने दर्ज कराया है। इसमें आरोप है कि 13 अक्तूबर को उसका ट्रक रोककर मडराक पुलिस ने 16 पशु बरामद किए। उन्हें ब्रजमोहन उपाध्याय के सुपुर्द कर दिया। इससे भी दस हजार रुपये प्रति पशु वापस करने के नाम पर 1.75 हजार रुपये लिए गए। साथ में थाने से उसके स्टाफ के दो लोगों को छोड़ने के नाम पर 15 हजार रुपये पुलिसकर्मियों ने लिए।
एसओ मडराक राजीव कुमार ने बताया कि ब्रजमोहन उपाध्याय इलाके में पंजीकृत गोशाला चलाते हैं। सरकारी नियम के अनुसार इस तरह के पशु बरामद करने पर आरोपी को वापस न करने के बजाय किसी गोशाला या पब्लिक के व्यक्ति के सुपुर्द करने का नियम है। इसी नियम के तहत ब्रजमोहन को पशु दिए गए थे। ब्रजमोहन पर जो आरोप हैं, उसके मुकदमे लिखे गए हैं। ब्रजमोहन हिरासत में है। इरशाद के मुकदमे में पुलिसकर्मियों पर भी आरोप है।
प्रभारी एसएसपी-एसपी सिटी अभिषेक ने बताया कि मामले में एसपी देहात स्तर से जांच की जा रही है जो तथ्य सामने आएंगे। कार्रवाई की जाएगी। ब्रजमोहन द्वारा थाने आकर ही पशुओं के स्वामियों से रुपये लेकर पशु वापस करने के मामले में यह आरोप है कि थाना स्तर पर ब्रजमोहन की कोई सांठगांठ तो नहीं है। यह भी जांच में स्पष्ट होगा।