उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने लॉकडाउन अवधि में कर नहीं चुकाने पर लगने वाली पेनाल्टी से हजारों वाहन स्वामियों को राहत दी है। लॉकडाउन के कारण 25 मार्च के बाद से अप्रैल और मई महीने में विभागीय वेबसाइट और आफिस बंद था। ऐसे में प्रदेश के राज्यपाल ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए मोटरयान कराधान अधिनियम 1997 के तहत मालयान और लोक सेवायान पर देय कर में पेनाल्टी नहीं लेने का फैसला किया है।
परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने पत्र जारी कर कहा है कि यदि वाहन स्वामी मार्च और अप्रैल 2020 की अवधि का कर अधिसूचना जारी होने के तीस दिन के अंदर जमा करा देता है तो उसको पेनाल्टी नहीं देनी होगी। ये अधिसूचना 14 जुलाई को जारी हुई है, इसलिए ये तीस दिन की अवधि 14 अगस्त को पूरी हो जाएगी।
इसी तरह से मोटर व्हीकल एक्ट 1988 व केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 के अंतर्गत वाहन की फिटनेस, सभी प्रकार के परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन व अन्य संबंधित अभिलेख जिनकी वैधता पहली फरवरी से 30 जून के बीच की अवधि में समाप्त हुई है उसको तीस जून तक मानी जाएगी। वाहन पोर्टल पर नान यूज क्लास फैसिलिटी की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत टैक्सी, बस आदि जो लॉकडाउन में नहीं ले रहे हैं। उनको नान यूज क्लास फैसिलिटी’ के तहत रियायत दी जाएगी। जिसकी व्यवस्था कराई जा रही है।