वार्ड नंबर- 8 के सराय लवरिया में लगभग 40 साल पुरानी जर्जर पाइपलाइन से जलापूर्ति हो रही है। जर्जर पाइपलाइन में नालों का गंदा पानी मिलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इससे पिछले छह महीने से चार हजार लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गंदा पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं।
पुराने शहर का यह इलाका मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है। नलों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इलाके में छह महीने से साफ पानी की समस्या है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इलाके में खुदाई हुई थी, जिससे पाइपलाइन जगह-जगह से टूट गई हैं।
टूटी हुई पाइपलाइन में नालों का गंदा पानी घुस जाता है। यहीं पानी घरों के नलों में आता है। लोगों ने बताया कि सुबह शाम करीब आधा घंटे जलापूर्ति होती है। इस दौरान 20-25 मिनट गंदा पानी आता है। कुछ समय पहले अमृत योजना के तहत नई पाइपलाइन भी डाली गई हैं।
जिन्हें अभी तक टंकी से जोड़ा नहीं गया है। करीब चालीस साल पुरानी जर्जर पाइपलाइन से जलापूर्ति हो रही है। लीकेज के कारण नलों में गंदा बदबूदार पानी आता है। हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है। इसके चलते लोग रोजमर्रा के कामों के लिए परेशान रहते हैं। वहीं गंदा पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं।
इलाके में चार सरकारी हैंडपंप हैं, जो खराब हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन समस्या का अभी तक निराकरण नहीं हुआ है। इससे लोगों को दूसरे मोहल्लों से जाकर पानी लाना पड़ता है। घर की औरतों के साथ बच्चे भी पानी के लिए दूसरों मोहल्लों में भटकते हैं जिससे उनकी पढ़ाई भी बाधित रही है।
यह है स्थिति
- वार्ड 8 - सराय लवरिया
- वार्ड की आबादी 20 हजार।
- मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र।
- जलस्तर 200 से 250 फुट।
- वार्ड में तीस सरकारी हैंडपंप। जिनमें कुल आठ सही हालत में।
- सही हैंडपंपों में पीला पानी आने की शिकायत।
- वार्ड में एक भी सरकारी सबमर्सिबल नहीं है।
- टीडीएस 500 से 700 है। पीने लायक पानी का टीडीएस 150 तक होना चाहिए।
- इलाके में एक पानी की टंकी।
- चालीस साल पुरानी जर्जर पाइपलाइन से जल आपूर्ति।
- चार सरकारी ट्यूबवेल। चारों सही हालत में।
- सराय लवरिया में नलों से गंदा पानी आ रहा है। करीब छह महीने से यह समस्या है। स्मार्ट सिटी कार्य के दौरान इलाके में काम हुआ था। उस दौरान पाइपलाइन टूट गईं। जिन्हें आजतक सही नहीं कराया गया है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की गई है। रोजाना टाल मटोल करते हैं। नई पाइपलाइन टंकी से नहीं जोड़ी गई हैं।
राजेंद्र किशोर, पार्षद
बोले अधिकारी
- गंदे पानी की समस्या को लेकर महाप्रबंधक जल और निगम की टीम को निर्देशित कर दिया गया है। टीम घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। समस्या का जल्द निदान कराया जाएगा।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त
छह महीने से नलों में गंदा पानी आ रहा है। इससे पहले साफ पानी की आपूर्ति हो रही थी। इलाके के लोग काफी परेशान है।
-गौरव कुमार
साफ पानी की तलाश में महिलाएं और बच्चे परेशान रहते हैं। सुबह शाम आस पड़ोस के मोहल्ले से पानी लाना पड़ता है।
-अनीता कुमारी
चालीस साल पुरानी पाइपलाइन जगह-जगह से जर्जर है। नई पाइपलाइन अभी तक टंकी से जोड़ी नहीं गई है।
- सुनील कुमार
इलाके में टैंकर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। सरकारी हैंडपंप भी खराब हैं। गंदा पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं।
-सावित्री देवी