नेपाल में सड़क दुर्घटना में मृत जयगंज के किराना कारोबारी दंपती के शव बुधवार की सुबह अलीगढ़ पहुंचे। शवों को देखकर घर में कोहराम मच गया। तीन घंटे तक जयगंज बाजार बंद रहा। सराय हरनारायण स्थित श्मशान घाट में पति-पत्नी के शवों को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। वहीं कासगंज के साढ़ू दंपती के शवों को परिजन अंतिम संस्कार के लिए कासगंज ले गए।
20 अप्रैल को शहर के जयगंज निवासी किराना कारोबारी राकेश अग्रवाल, उनकी पत्नी साधना, कासगंज निवासी साढ़ू विमल व उनकी पत्नी संध्या नेपाल गए थे। जहां 24 अप्रैल रविवार को उनकी कार काठमांडू के पास धाढ़िंग में दुर्घटना ग्रस्त हो गई। हादसे में चारों के अलावा कार चालक की भी मौत हो गई थी।
मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद चारों के शवों को नेपाल से गोरखपुर लाया गया। वहां से हवाई मार्ग से देर शाम दिल्ली पहुंचे। बुधवार सुबह करीब आठ बजे शवों को अलीगढ़ लाया गया। सुबह 10 बजे कारोबारी के घर से शव यात्रा निकली।
साढ़े दस बजे पति-पत्नी को सराय हरनारायण स्थित शमशान घाट में एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। इस दृश्य को देख परिचितों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान आठ बजे से लेकर 11 बजे तक जयगंज बाजार बंद रहा। वहीं कासगंज निवासी साढ़ू दंपती के शवों को परिजन कासगंज ले गए।