महानगर के गांधी पार्क क्षेत्र के डोरी नगर गली-2 से पुलिस ने आजमगढ़ और कुशीनगर के समुदाय विशेष के 13 लोगों को पकड़ा। यह लोग सात साल पहले प्रेमी संग घर से निकली बेटी को तलाशते हुए उससे मिलने यहां पहुंचे थे। लॉक डाउन में फंसने पर पुलिस द्वारा पकड़े जाने के डर से अपना धर्म छिपाकर बेटी के पास ही रहने लगे। उनके रहन-सहन व हॉव-भाव से जब इसकी भनक इलाके के लोगों को लगी तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी।
बुधवार दोपहर पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम की मदद से बाहरी 13 लोगों सहित कुल 22 लोगों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन कर दिया है। साथ में विधिक कार्रवाई पर विचार चल रहा है। सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक दोपहर में पुलिस को सूचना मिली कि समुदाय विशेष के कुछ बाहरी लोग हिंदू बाहुल्य इलाके में रह रहे हैं। इस पर पहुंची पुलिस ने एक मकान से 13 बाहरी लोगों को पकड़ा। यह सभी आजमगढ़ और कुशीनगर के निकले। पूछताछ में पता लगा कि पकड़े गए लोगों की बेटी ने सात साल पहले अलीगढ़ निवासी दूसरे समुदाय के युवक से प्रेम विवाह किया था।
प्रेम विवाह के बाद लड़की ने अपना नाम और धर्म बदल लिया। लड़का यहां एक फैक्टरी में निकिल पॉलिश का काम करता है। दोनों करीब पांच माह से डोरी नगर गली 2 में किराए के मकान में रह रहे हैं। यह खबर लॉकडाउन से पहले परिवार वालों को लगी तो वह अपने रिश्तेदारों संग बेटी से मिलने 18 मार्च को आ गए। तीन दिन बेटी के पास रुके। इसी बीच जनता कफ्र्यू और फिर लॉक डाउन की घोषणा हो गई। इस पर वह सभी यहां फंस गए। बेटी के प्रेम विवाह और उसके धर्म की जानकारी छिपाने और पुलिस द्वारा बाहरी जमाती जानकार पकड़े जाने के डर से उन्होंने अपना धर्म भी छिपा लिया।
पुलिस ने छानबीन की तो मामले की सच्चाई पता लगी। लड़की के पास से एक आधार कार्ड भी मिला है। इसमें उसका नाम पूजा लिखा है। फिलहाल इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई नहीं की गई है। मामले की जांच की जा रही है। सीएमओ बीपी कल्याणी के अनुसार मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर पक ड़े गए 13 परिवारीजनों सहित युवक-युवती, मकान स्वामी दंपती, मोहल्ले के लोगों सहित कुल 22 लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया है। इनकी जांच भी की जा रही है।