न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
मिर्जापुर में परिवार सहित दबोचा गया सीबीआई का फर्जी डीआईजी अलीगढ़ का नहीं, मूल रूप से बुलंदशहर के जालखेड़ा गांव का रहने वाला है। उसने मिर्जापुर में गिरफ्तारी के बाद जो पता लिखवाया है, वह उसकी ससुराल का है। जब उसके द्वारा बताए गए पते पर पुलिस पहुंची तो वहां भी ताला लगा मिला। हां, इतना जरूर पता लगा कि कुछ समय से वह यहीं रह रहा था। मगर अब पूरा परिवार गायब है।
मिर्जापुर पुलिस ने सीबीआई के फर्जी डीआईजी को परिवार सहित दबोचा है। वहां वह दर्शन करने गया था और उसने खुद एसपी को फोन कर अपने ठहरने आदि का इंतजाम कराया था। शक के आधार पर पकड़े जाने पर उसने अपना नाम राजीव सिंह पुत्र उदयवीर सिंह निवासी शिवपुरी शक्तिनगर बन्नादेवी अलीगढ़ बताया। इस मामले में मिर्जापुर पुलिस ने अलीगढ़ पुलिस को सूचना दी और अलीगढ़ पुलिस ने जब उसका सत्यापन शुरू किया तो पता चला कि उसने पता गलत लिखवाया है।
इंस्पेक्टर बन्नादेवी धीरेंद्र मोहन के अनुसार जो पता उस व्यक्ति ने लिखवाया है। वह उसकी ससुराल का पता है। इस पते पर हमारी टीम पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। आसपास के लोगों से मालूम हुआ कि यह व्यक्ति मूल रूप से बुलंदशहर शहर कोतवाली के जालखेड़ा गांव का रहने वाला है। यहां कुछ समय से रह रहा था। मगर अब कई दिन से परिवार के साथ कहीं गया हुआ है। उसके ससुराल वाले कहां हैं, इस विषय में भी जानकारी नहीं है। इस जानकारी से मिर्जापुर पुलिस के साथ-साथ बुलंदशहर पुलिस को भी अवगत करा दिया गया है।