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Aligarh Exhibition: नुमाइश का धूमधाम से हुआ समापान, एक महीना बिखेरे संस्कृति के रंग, उमड़े दर्शक

Sat, 02 Mar 2024 04:04 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

ऐतिहासिक नुमाइश समापन समारोह के बाद अलविदा कहते हुए अगले साल आने का वादा करते हुए विदा हो गई। इस बार नुमाइश ने संस्कृति के रंगों की जो खुशबू बिखेरी है, वो हर दिल को मुग्ध कर गई। नुमाइश में उमड़ी दर्शकों की भीड़ ने साबित कर दिया कि अलीगढ़ के लोग कला और संस्कृति के प्रेमी हैं। 
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कृष्णांजलि मंच पर नुमाइश के समापन समारोह में प्रस्तुति देते बच्चे - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ जिला प्रशासन ने 30 दिन से चली आ रही 144वीं राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के विधिवत समापन का एलान कर दिया। खेल, तमाशे एवं दुकानदारों को अपना सामान दो दिन में हटाने के निर्देश दिए गए हैं। 

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कृष्णांजलि नाट्यशाला में 1 मार्च को आयोजित समारोह का शुभारंभ एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ की नुमाइश एतिहासिक और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। इस बार नुमाइश में दर्शकों की भीड़ उमड़ने से दुकानदार एवं व्यापारी काफी खुश दिखे। शहर से लेकर गांव तक के लोगों ने यहां आकर खूब मनोरंजन किया। इस बार नुमाइश बिना किसी विघ्न बाधा, दुर्घटना एवं नकारात्मकता के संपन्न हुई है। इसके लिए जनपद के सभी सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के अलावा नागरिकों का सकारात्मक सहयोग एवं सहभागिता प्रदान करने के लिए बधाई के पात्र हैं।
 
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उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वह नुमाइश की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनके लिए प्रतिवर्ष नुमाइश सजती है। आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी नुमाइश इंतजामिया की है। समारोह में संगीता एकेडमी की बालिकाओं ने गणेश वंदना, मेरी चौखट पर चलकर आज श्री राम आए हैं...., नन्ही सी बालिका मायरा ने गुलाबी शरारा की मंत्रमुग्ध प्रस्तुति देकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। समारोह में नुमाइश में सहयोग करने वाले लोगों एवं दुकानदार आदि को सम्मानित किया गया। उधर समापन समारोह में जिले के जनप्रतिनिधियों के दूरी बनाकर रखने को लेकर चर्चाएं भी होती रहीं। मंच पर नुमाइश कार्यकारिणी के सदस्य पंकज धीरज, गया प्रसाद गिर्राज, राम सिंह, विष्णु कुमार बंटी, डॉ. राकेश सक्सेना, सरदार दलजीत सिंह, मुख्य प्रदर्शनी सहायक अर्पित शर्मा, रचित वशिष्ठ, विजेंद्र सिंह, सुधीर कुमार, राजेश कुमार, ओमपाल सिंह, आनंद कुमार, यतेंद्र शर्मा, संचालन ईडीएम मनोज राजपूत ने किया। 

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नुमाइश ने संस्कृति के बिखेरे रंग, उमड़े दर्शक 

ऐतिहासिक नुमाइश समापन समारोह के बाद अलविदा कहते हुए अगले साल आने का वादा करते हुए विदा हो गई। इस बार नुमाइश ने संस्कृति के रंगों की जो खुशबू बिखेरी है, वो हर दिल को मुग्ध कर गई। नुमाइश में उमड़ी दर्शकों की भीड़ ने साबित कर दिया कि अलीगढ़ के लोग कला और संस्कृति के प्रेमी हैं। 

करीब डेढ़ दशक से नुमाइश यहां की पहचान है, जो पूरे देश में अलीगढ़ की संस्कृति की चमक बिखेरने का काम करती है। इस बार नुमाइश में प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने भी सभी का दिल जीत लिया। हर किसी ने जमकर तारीफ की। पर, विदा होती नुमाइश को लेकर तमाम लोगों के दिलों में कसक थी। फिर, एक साल इंतजार करना होगा। इस बार नुमाइश से शहर दौड़ पड़ा। नुमाइश के मंचों पर शहर की प्रतिभाएं निखरीं और बच्चों की कल्पनाएं खिल उठीं। 
नुमाइश में इस बार पूरे महीने काफी रंगत देखने को मिली। दर्शकों के भारी संख्या में उमड़ने से खूब बिक्री हुई । - मुस्तफा गाजी 
इस बार नुमाइश में दर्शक खूब आए। इससे दुकानदारी भी खूब हुई। हर साल की अपेक्षा इस बार नुमाइश की व्यवस्थाएं बेहतर थी। इससे अगले साल की नुमाइश में आने के लिए उत्साह बढ़ा है। - अनिल चौहान 
पिछले कई साल से नुमाइश देखने आ रहे है। इस बार कुछ व्यवस्थाएं अलग थीं। इस बार नुमाइश कुछ अलग हटकर नजर आई। अच्छा लगा और खूब मनोरंजन हुआ। अब अगले साल का इंतजार रहेगा। - सीमा 
नुमाइश में झूले, खेल, तमाशों के साथ कला बीथिका, कला प्रदर्शनी, नीरज-शहरयार पार्क ने खूब लुभाया। - अहमद सिद्दीकी
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