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आवारा गोवंश से पीड़ित ग्रामीणों ने सांसद का किया घेराव, जगह जगह प्रदर्शन

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गोंडा के ग्राम मांती बसईं में सांसद राजवीर दिलेर का घेराव करते ग्रामीण। - फोटो : GONDA
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इगलास विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में सोमवार को मतदान से पहले आवारा गोवंश के आतंक और अन्य समस्याओं परेशान लोगों ने विभिन्न गावों में मतदान के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। इससे नेताओं सहित प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई। विधानसभा के ब्लाक गोंडा के गांव मांती में गुस्साए ग्रामीणों को समझाने पहुंचे हाथरस सांसद राजवीर दिलेर का घेराव किया गया। साथ ही नारेबाजी के साथ प्रदर्शन भी किया गया। गांव हसनगढ़ी और पचावरी में ग्रामीणों ने मतदान केंद्र के अंदर ही आवारा गोवंश को इकट्ठा करके अपना विरोध जताया। इस सूचना पर वहां खुद डीएम और एसएसपी पहुंचे। गांव महुआ में बहिष्कार के बाद सामूहिक रूप से मतदान केंद्र के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीणों को समझाने गए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ग्रामीणों की नारेबाजी और प्रदर्शन का सामना करना पड़ा।
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इगलास विधानसभा उप चुनाव में सोमवार को मतदान का दिन था। पिछले कई दिनों से ग्रामीण अपने अपने तरीके से घोषणा कर रहे थे कि आवारा गोवंश की समस्या से वह पीड़ित हैं। उनके खेत, खलिहान, खूंटे से बंधे पशु और फसल को आवारा जानवर नष्ट कर रहे हैं। इस कारण वह मतदान का बहिष्कार करेंगे। घोषणा के ही अनुरूप विधानसभा क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में मतदान का बहिष्कार का ऐलान कर दिया गया। इसकी शुरुआत सुबह नौ बजे करीब गांव महुआ से हुई। इसके बाद करैलिया पींजरी, उटवारा, पचावरी, दारागढ़ी, गदाखेड़ा, दौकौली, कारौली, कापुर खेड़ा, मांती बंसई, गररौली, गररौली, भानऊ, हसनगढ़, एलमपुर गड़िया, महुआ, पिलखुनिया, सरकौरिया, करौली बेसवां नवलपुर गांवों में बहिष्कार की लहर फैल गई। इस सूचना के बाद हाथरस से सांसद राजवीर दिलेर गांव मांती पहुंच गए। पहले वह चौपाल पर गांव वालों के साथ बैठे और समस्याएं सुनीं। लेकिन इस दौरान गांव वालों ने नारेबाजी, घेराव और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जिसके चलते उन्हें लौटना पड़ा।
गांव हसनगढ़ी में ग्रामीण आवारा गोवंश को इकट्ठा कर मतदान केंद्र तक ले गए। पचवारी में में ग्रामीणों ने आवारा गोवंश को इकट्ठा कर मतदान केंद्र के बाहर लाकर खड़ा कर दिया। गांव वालों ने घोषणा कर दी कि अधिकारी आएं और इन आवारा जानवरों को ले जाएं। इसके बाद वह मतदान करेंगे। मतदान बहिष्कार की जानकारी जब प्रशासन को हुई तो सरकारी गाड़ियों का रुख संबंधित गांवों की ओर हो गया। गांव पचवारी और हसनगढ़ी में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह और एसएसपी आकाश कुलहरि स्वयं पहुंचे। ग्रामीणों को समझाया और किसी तरह उनको मतदान के लिए मनाया। हसनगढ़ी में एक मतदान केंद्र पर स्वयं एडीएम वित्त विधान जायसवाल खुद पहुंचे और उनके आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने मतदान शुरू किया।
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गांव महुआ में मतदान केंद्र के बाहर सैकड़ों ग्रामीण पंचायत की शक्ल में धरने की मुद्रा में बैठे थे। बहिष्कार की सूचना पर एडीएम कृष्णलाल तिवारी, एसपी क्राइम डॉ. अरविंद, एसडीएम कोल रंजीत सिंह सहित डीजीसी क्रिमिनल धीरेंद्र सिंह तोमर व अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों को ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां पर आवारा गोवंश की समस्या है। गोशाला की जमीन पर निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है। गांव में शौचालय, विकास कार्य आदि नहीं हुए हैं। इन सभी समस्याओं को लेकर वह पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री आए थे तो चार ट्रैक्टर लेकर अपनी बात रखने गए। लेकिन उनकी आवाज दबा दी गई। कई बार अधीनस्थ अधिकारियों से भी समस्या को लेकर मिले लेकिन सिवाय टरकाने के कुछ और नहीं मिला। अधिकारियों ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया।
लेकिन ग्रामीण असहमत दिखे। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा कर दी कि अगर वोट नहीं डालना है तो यहां पर इकट्ठा नहीं हो। इस पर ग्रामीण भड़क गए और कहने लगे कि अब वह अपने गांव में खड़े भी नहीं हो सकते। इसी के साथ प्र्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही गांव वालों ने विरोध में नारेबाजी करनी शुरू कर दी। दोपहर बाद जिन जिन गांवों में मतदान के बहिष्कार की सूचना थी वहां पूरा प्रशासनिक अमला दौड़ा और गांव वालों को समझाया कि वह अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उनकी समस्याओं का समाधान होगा। इसके बाद ही मतदान की प्रक्रिया तो शुरू हुई लेकिन प्रतिशत बेहद कम रहा।
मांती बसईं में ग्रामीणों ने बूथ के दो सौ मीटर क्षेत्र के अंदर तिरपाल डाल कर मतदान बहिष्कार कर रखा था, जिस पर वहां पहुंचे सीडीओ अनुनय झा का पारा चढ़ गया, उन्होंने पुलिस द्वारा लोगों को वहां से दौड़ा दिया, सीडीओ, सहायक निर्वाचन अधिकारी, एसपीआरए काफी देर तक गांव में रहे तथा मतदान शुरू करा कर ही वहां से हटे। अलग-अलग समय पर मांती बसईं में पहुंचे हाथरस सांसद राजवीर दिलेर व अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम भी लोगों को मनाने पहुंचे, जिस पर गांव के लोगों ने हूटिंग कर दी, तथा गौवंश को लेकर राजवीर दिलेर से विरोध भी जताया, जहां थोडी देर रुकने के बाद सांसद चले गए।
इसके अलावा अलग अलग गांवों में अलग अलग अधिकारी स्थिति को सामान्य करने पहुंचे। डीएम चन्द्रभूषण सिंह , एसएसपी आकाश कुलहरि ने गांव धारागढ़ी, गोंदिलपुर, दौंकोली में जाकर ग्रामीणों को समझाया। सीडीओ अनुनय झा, एसपी ग्रामीण मणिलाल पाटीदार, सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने मांती, बसईं, पचावरी में लोगों को मतदान करने को कहा। एडीएम वित्त विधान जयसवाल, एसपी ट्रैफिक अजीजुल हक ने हसनगढ़, कलुआ बेलौठ, धारागढ़ी में लोगों को मनाने का प्रयास जारी रखा।
हसनगढ में नदी पर पुल , संपर्क मार्ग व गोवंशों की समस्या थी, तो धारागढ़ी में लोगों को कहना था कि गांव में नारकीय हालत हैं, हर गली बदहाल पड़ी है, घुटने तक चामड़ माता मंदिर मार्ग पर पानी भरा हुआ है, सीएम सभा के दिन भी डीएम को समस्या से अवगत कराया था, पर कोई हल नहीं हुआ, वहां डीएम के आने से पहले अन्य अधिकारियों ने मनाने के प्रयास किए। लेकिन ग्रामीण डीएम के आने पर ही माने। दौंकोली में भी डीएम, एसएसपी ने पहुंच कर कमान संभाली। ज्यादातर गांवों में अजीब स्थिति रही कि अधिकारियों के समझाने बाद भी लोगों ने मतदान शुरू नहीं किया, और उनके जाने के पश्चात खुद ही मतदान करने को भी पहुंच गए।
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इन गांवों में हुआ बहिष्कार का सिलसिला
- धारागढ़ी में सुबह 10:45 बजे
- पचावरी में दोपहर 1:20 बजे
- कलुआ बेलौठ में 11:30 बजे
- दौकोली में दोपहर 1:25 बजे
- हसनगढ़ी में सुबह 9:40 बजे
- मांती, बसईं, गोंदिलपुर में दोपहर बाद
- निधौली में सुबह 9.00 बजे
- गदाखेड़ा में सुबह 10.00 बजे
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