जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस से संक्रमित 86 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई है। वहीं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में एक युवक की जान चली गई है। युवक को कोरोना का संदिग्ध माना जा रहा है। युवक की मौत में लापरवाही की बातें भी सामने आ रही है।
जेएन मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को श्यामनगर जनता होटल वाली गली निवासी एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। वह कई दिनों से मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। 7 अगस्त को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बुजुर्ग का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में कर दिया गया। बुजुर्ग के घर के कई लोग संक्रमित हैं। उनकी एक निकट संबंधी चिकित्सक है और उनका उपचार भी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं, दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में एक 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक खैर के इंदिरा नगर का निवासी है।
आइसोलेशन वार्ड में नॉन पॉजिटिव मरीजों के साथ उसे रखा गया था। कोरोना टेस्ट हुआ था या नहीं, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि भर्ती के वक्त ही उसकी तबियत ज्यादा खराब थी। दबी जुबान लोग कह रहे हैं कि बिना विलंब किए सोमवार को ही मरीज को आईसीयू में भर्ती कर लिया जाता या रेफर कर दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। इस संबंध में सीएमएस डॉ. एबी सिंह से संपर्क नहीं हो सका। वहीं, सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि उन्हें मौत की जानकारी नहीं है। वह पता कराते हैं।
मेलरोज बाईपास के पास लोग नहीं करने दे रहे युवक का अंतिम संस्कार
मेलरोज बाईपास स्थित शमशाद में खैर रोड इंदिरा नगर के युवक का लोग अंतिम संस्कार नहीं करने दे रहे हैं। मानव उपकार संस्थान के अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने बताया कि 20 वर्षीय युवक के शव को अंतिम संस्कार करने के लिए मेलरोज बाईपास स्थित शमशान में लेकर लोग गए थे। लेकिन कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि रात 9.25 बजे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। अब दूसरी जगह पर अंतिम संस्कार करने पर विचार किया जा रहा है। देर रात शव के पास पुलिसकर्मी पहुंच गए हैं।
सीएमओ को नहीं होती कोरोना से मौत की जानकारी
स्वास्थ्य विभाग में अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। अधीनस्थ अधिकारी ही कोरोना या संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जानकारी सीमएओ को नहीं देते हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना से संक्रमित मरीज की मौत दोपहर में हो गई थी। देर शाम तक इसकी जानकारी सीएमओ को नहीं थी। इसी तरह पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में एक संदिग्ध युवक की मौत हो गई।
स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। कहा जा रहा है कि युवक को समय से उपचार मिल जाता या रेफर कर दिया जाता तो उसकी जिंदगी बच सकती थी। शहर में इस घटना को लेकर लोग तरह-तरह की बात कर रहे हैं लेकिन सीएमओ को इसकी भी जानकारी नहीं दी गई है। करीब 7 बजे पूछे जाने पर सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने दोनो मौत से अनभिज्ञता जताई और कहा कि पता कराता हूं। देर रात में बार-बार फोन करने के बावजूद सीएमओ का फोन रिसीव नहीं हुआ।