दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में आंखों की जांच करने वाले टेक्नीशियनों से ईसीजी कराया जा रहा है। इस तरह अप्रशिक्षित टेक्नीशियन से वह काम कराया जा रहा है। जिसके लिए उनको ट्रेनिंग भी नहीं मिली है। ऐसे में ईसीजी के परिणाम कहां तक सटीक होंगे इसको लेकर संदेह जताया जा रहा है। स्टाफ के मुताबिक, जो लोग ईसीजी का काम करते हैं, उनको दो वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस संबंध में डीडी अस्पताल के सीएमएस डॉ एबी सिंह का कहना है कोरोना में संकट के चलते मेडिकल स्टाफ की बहुत कमी हो गई है। यह संकट का समय है। इसलिए किसी भी मेडिकल स्टाफ से काम लिया जा रहा है। इनको सिर्फ ईसीजी करने के लिए कहा गया है, रिपोर्ट देने का काम इनका नहीं है। ईसीजी करने में कुछ भी तकनीकी समस्या नहीं है। केवल लीड लगानी होती है और उसके बाद मॉनिटर पर स्क्रीनिंग करनी होती है।
प्रिंट डॉक्टर्स को दे दिया जाता है जिसके बाद डॉक्टर अपनी रिपोर्ट देते हैं। कुछ लोग हैं, जो काम करना नहीं चाहते हैं। वह इस तरह की तकनीकी समस्याओं की बात कहकर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करना चाहते हैं। यह उचित नहीं है।