खैर क्षेत्र में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अभिनव सिंह के स्थानांतरण के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर वह हाईकोर्ट चले गए, जिस पर कोर्ट ने निदेशक पंचायती राज को प्रकरण को निस्तारित करने का निर्देश दिया था। निदेशक ने इस संबंध में एक पत्र डीपीआरओ अलीगढ़ भेजा था, लेकिन वह इस पत्र को दबाकर बैठ गए और कोई कार्रवाई नहीं की।
ग्राम पंचायत अधिकारी के स्थानांतरण प्रकरण को निस्तारित नहीं करने और निदेशक पंचायती राज का आदेश दबाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) धनंजय जायसवाल को शासन ने निलंबित कर दिया है।
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अप्रैल 2021 में धनंजय जायसवाल ने अलीगढ़ जिला पंचायत राज अधिकारी का कार्यभार संभाला था। इस दौरान उनके सामने खैर क्षेत्र में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अभिनव सिंह के स्थानांतरण का मामला आया। इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर ग्राम पंचायत अधिकारी हाईकोर्ट चले गए, जिस पर कोर्ट ने निदेशक पंचायती राज अटल कुमार राय को प्रकरण को निस्तारित करने का निर्देश दिया था।
बताया जा रहा है कि निदेशक ने इस संबंध में एक पत्र डीपीआरओ अलीगढ़ भेजा था, लेकिन वह इस पत्र को दबाकर बैठ गए और कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी फिर से हाईकोर्ट गए। गत चार दिसंबर को हाईकोर्ट ने निदेशक पंचायत राज को तलब किया और उनसे कड़ी नाराजगी जताई थी। इससे हुई किरकिरी के बाद अपर मुख्य सचिव पंचायती राज विभाग नरेंद्र कुमार भूषण ने शासन के निर्देशों का पालन नहीं करने पर बुधवार को धनंजय जायसवाल को निलंबित कर दिया है।
स्थानांतरण प्रकरण में निदेशक के पत्र को दबाए रखने और लापरवाही करने के मामले में शासन ने डीपीआरओ धनंजय जायसवाल को सस्पेंड कर दिया है।-अमरजीत सिंह, उप निदेशक, पंचायती राज