रिपोर्ट बताती है कि अलीगढ़ जिले में 16.64 फीसदी बच्चे अंडरवेट हैं। वहीं, 4.78 फीसदी बच्चे वेस्टिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पोषण स्तर सुधारने पर जोर दिया है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) 2023-24 की रिपोर्ट ने अलीगढ़ जिले में बच्चों के पोषण पर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार अलीगढ़ में 40.51 फीसदी बच्चे स्टंटिंग से प्रभावित हैं। इसका अर्थ है कि लगभग हर 10 में चार बच्चे दीर्घकालिक कुपोषण का सामना कर रहे हैं।
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रिपोर्ट बताती है कि जिले में 16.64 फीसदी बच्चे अंडरवेट हैं। वहीं, 4.78 फीसदी बच्चे वेस्टिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पोषण स्तर सुधारने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि आंगनबाड़ी और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रभावी हों। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को भी बेहतर ढंग से लागू करना होगा। सर्वेक्षण में कुछ सकारात्मक संकेत भी मिले हैं। संस्थागत प्रसव और गर्भवती महिलाओं की जांच में सुधार हुआ है। बच्चों के टीकाकरण कवरेज में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं में प्रगति
स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर हुआ है। महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता के क्षेत्र में भी प्रगति हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग बढ़ा है। परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता में भी वृद्धि हुई है। हालांकि, महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया अभी भी एक बड़ी चुनौती है।
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भविष्य की योजनाएं
जिले का स्वास्थ्य एवं कल्याण (एसडीजी-3) स्कोर 78.46 है। यह स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की ओर संकेत करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुपोषण और एनीमिया पर विशेष ध्यान दें। इससे जिले के स्वास्थ्य संकेतकों में और सुधार संभव होगा। स्वास्थ्य विभाग कुपोषण दर कम करने पर केंद्रित है।