एआरएम से भी बात करने से किया इनकार
सोमवार दोपहर एआरएम रमेश चंद्र धारीवाल टावर के नीचे पहुंचे और राजू को समझाने का प्रयास किया। लेकिन राजू ने उनसे बात करने से साफ इनकार कर दिया। उसने कहा कि वह केवल आरएम सत्येंद्र कुमार वर्मा से ही बात करेगा। साथ ही मारपीट करने वालों को जेल भेजने और नौकरी बहाल करने की मांग दोहराई। अधिकारियों की ओर से उसे बताया गया कि गार्ड की नौकरी देने का प्रस्ताव रोडवेज मुख्यालय भेजा जा चुका है और अनुमोदन मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बावजूद राजू टावर से नीचे आने को तैयार नहीं था।
छठवीं बार टावर पर चढ़ा था राजू
राजू सैनी इससे पहले भी आठ सितंबर को इसी मोबाइल टावर पर चढ़ा था। इसके अलावा लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अवध डिपो में दो बार और बुद्ध विहार डिपो में भी टावर पर चढ़कर विरोध कर चुका है। अतरौली से लखनऊ तक अलग-अलग स्थानों पर वह नौकरी बहाली की मांग को लेकर इस तरह विरोध कर चुका है। ताजा घटनाक्रम उसका टावर पर चढ़ने का छठवां मामला बताया गया है।
दो साल से नौकरी बहाली की मांग
क्वार्सी क्षेत्र के रावण टीला निवासी राजू सैनी की 14 अक्तूबर 2019 को रोडवेज में संविदा चालक के पद पर भर्ती हुई थी। करीब दो वर्ष पहले साथी कर्मचारियों से अभद्रता के आरोप में उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद से वह नौकरी बहाली की मांग कर रहा है। राजू का आरोप है कि उसकी संविदा गलत तरीके से समाप्त की गई। वह रोडवेज चालकों के आर्थिक और मानसिक शोषण और समस्याओं की सुनवाई नहीं होने का भी आरोप लगाता रहा है।
मुख्यालय से मंजूरी का इंतजार
सीओ सिविल लाइंस सर्वम सिंह ने बताया कि राजू को लगातार समझाया गया। नौकरी का प्रस्ताव मुख्यालय भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। बातचीत के जरिए उसे नीचे उतारने के प्रयास किए गए। क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा के मुताबिक राजू को गार्ड की नौकरी देने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। अनुमोदन मिलने के बाद नियुक्ति पत्र आदि की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि राजू सैनी का कहना था कि उनके रिश्तेदार हरीश सैनी ने उन्हें मंगलवार को नियुक्ति पत्र मिलने और सुबह से ड्यूटी ज्वाइन करने की बात कही है। राजू सैनी ने कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो और भी बड़ा कदम उठाएंगे।