वार्ड नंबर चार किशनपुर स्थित कमल सरोवर इलाके में पिछले दो महीने से नलों से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे इलाके के करीब बीस हजार लोग परेशान हैं। इलाके में लगभग पंद्रह साल पुरानी पाइपलाइन से जलापूर्ति हो रही है। जर्जर पाइपलाइन में कई जगहों पर लीकेज की समस्या है।
एक ट्यूबवेल के भरोसे करीब छह हजार परिवार हैं। इलाके में कोई पानी की टंकी नहीं है। सरकारी हैंडपंप भी खराब हैं। गंदे पानी की वजह से रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुरानी लाइन से जलापूर्ति हो रही है जो जगह जगह से लीक है।
क्षेत्र में डेढ़ माह पहले नई पाइपलाइन डाली गई थीं, जिन्हें अभी तक पानी के श्रोत से जोड़ा नहीं गया है। नई पाइपलाइन डालते समय पुरानी पाइपलाइनों का ध्यान नहीं रखा गया है। जिसमें पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गईं। लोगों का कहना है कि गंदे पानी के साथ पानी का कोई निश्चित समय नहीं है।
एक ट्यूबवेल होने के कारण अपर्याप्त पानी की आपूर्ति होती है। महिलाएं पानी की तलाश में या तो सबमर्सिबल वाले घरों से पानी भरती हैं या दूसरे गली मोहल्लों में जाना पड़ता है। लोगों ने कई बार इसकी शिकायत पार्षद से लेकर अधिकारियों से की है, लेकिन टालम टाली के चलते समस्या का कोई निदान नहीं हो सका।
यह है स्थिति
- वार्ड 24 - किशनपुर (कमल सरोवर)
- वार्ड की आबादी 30 हजार।
- जलस्तर 200 से 250 फुट।
- वार्ड में 58 सरकारी हैंडपंप। 15 खराब हैं।
- वार्ड में सरकारी सबमर्सिबल नहीं।
- एक ट्यूबवेल के सहारे पूरा वार्ड।
- टीडीएस 500 से 700 है। पीने लायक पानी का टीडीएस 150 तक होना चाहिए।
- पंद्रह साल पुरानी पाइपलाइन से जलापूर्ति।
- तीन नए सरकारी ट्यूबवेल, अभी चालू नहीं।
- पूरे वार्ड में गंदे पानी की समस्या है। करीब डेढ़ महीने पहले यहां नई पाइपलाइन डाली गई थीं। इस कार्य के दौरान कई जगहों पर पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गईं। कई बार अधिकारियों से इसकी शिकायत भी कर चुका हूं। वार्ड में एक ही ट्यूबवेल है, जिसे रोजाना सुबह शाम खुद की व्यवस्था से चलवाता हूं। निगम अधिकारी कुछ सुनते ही नहीं हैं। - विमलेश, पार्षद
- कमल सरोवर में गंदे पानी की समस्या संज्ञान में आई है। इसे लेकर टीम को निर्देशित कर दिया गया है। टीम मौके पर जाकर सर्वे करेगी। जल्द समस्या को निस्तारित कराया जाएगा।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त
- दो महीने से नलों में गंदा पानी आ रहा है। गर्मी में पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। लोग परेशान हैं। -गुड्डी देवी
- क्षेत्र में सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। खुद पार्षद ने हैंडपंप चलाकर देखा है, जो खराब निकला। रीबोरिंग के नाम पर घपला हो रहा है। -कालीचरन
- क्षेत्र की आबादी केवल एक ट्यूबवेल के भरोसे है। पानी की कोई टंकी नहीं है। कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई निस्तारण नहीं। - कुसुम
- वार्ड में टैंकर की कोई व्यवस्था नहीं है। पानी के लिए इलाके मे सुबह शाम महिलाओं की लंबी कतारें लगती हैं। सब परेशान हैं। - संजय कुमार