कलेक्ट्रेट में डा. कफील को रिहा करने की मांग करते।
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सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान एएमयू में भड़काऊ भाषण देने के मामले में फंसे डॉ. कफील की रिहाई की मांग और उनसे रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) हटाए जाने की मांग की गई है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन के जिला अध्यक्ष गुफरान नूर ने डीएम को इस संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। गुफरान ने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि डॉ. कफील ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दिए भाषण के दौरान कोई भी ऐसी बात नहीं कही है, जिससे की दो समुदाय में भड़काव या टकराव हो। इसके बाद भी उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया। उक्त मामले में वह मथुरा जेल में बंद थे। इस मामले में कोर्ट से उनको जमानत मिल गई। मगर, रिहाई परवाना समय से जारी न होने के चलते वह छूट न सके और अलीगढ़ जिला प्रशासन ने उन पर रासुका की भी कार्रवाई कर दी। गुफरान नूर के मुताबिक राष्ट्रपति से डॉ. कफील की रिहाई और रासुका को हटाने की मांग की गई है।