कोल से विधायक अनिल पाराशर ने फिर से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मेडिकल कॉलेज पर चर्चा की। उसके बाद सीएम ने अधिकारियों से प्रस्ताव पर बात की है। साथ में इस संबंध में पूरा विवरण तलब किया है। संकेत हैं कि जल्द इस दिशा में अच्छी खबर मिल सकती है। इस विषय में अनिल पाराशर इतना ही बताते हैं कि मुख्यमंत्री से जिले के कई महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। उसमें मेडिकल कॉलेज सहित अन्य कई विषय शामिल रहे।
शासन स्तर से कुछ समय पहले ही दीनदयाल को मेडिकल कॉलेज के दर्जे के संबंध में नया प्रस्ताव मांगा गया था। उसे भेज दिया गया है, अब निर्देशों का इंतजार है।-डा. मोहन झा, अपर निदेशक स्वास्थ्य
भाजपा शासन में स्थापित हुआ था डीडीयू
दीनदयाल अस्पताल की नीव 14 दिसंबर 1991 को तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह ने रखी। इसके बाद आठ मई 1999 को उन्होंने इसका लोकार्पण किया। 2006 में यहां इंडोर सेवाएं शुरू हुईं। कोविड में यहां 400 बेड की क्षमता थी। मगर अब 100 बेड आईसीयू व ट्रामा सहित 300 बेड की क्षमता है। यहां डायलिसिस, कैंसर की जांच सहित कई सुविधाएं व 25 से अधिक चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं।
स्पोर्ट्स कॉलेज पर भी सीएम का ध्यान
सीएम ने जिले में गुरु सिखरन की सरकारी भूमि पर स्पोर्ट्स कॉलेज पर भी ध्यान दिया है। हालांकि यहां सपा शासन में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय स्थापना का प्रस्ताव आया था। बाद में वह विश्वविद्यालय मेरठ को दे दिया गया। अब उस भूमि पर स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने के लिए भी शासन स्तर पर विचार चल रहा है। इस दिशा में भी जल्द घोषणा हो सकती है।