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एनआरआई महिला ने धोखे से बेच दी पैतृक संपत्ति, मुकदमा

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महानगर के क्वार्सी इलाके की एक पैतृक संपत्ति बेचने के आरोप में अमेरिका में रह रही एनआरआई महिला पर बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मुकदमा महिला के यहां रहने वाले मौसेरे भाई ने दर्ज कराया है, जिसमें आरोप है कि उसकी बहन ने वसीयत को नजरंदाज कर दो लोगों को मुख्तार नियुक्त कर मकान का बैनामा कर दिया। यह मुकदमा सीओ द्वितीय के निर्देश पर दर्ज किया गया है।
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मुकदमा दर्ज कराते हुए क्वार्सी अंबेडकर नगर निवासी ब्रज मोहन मोर्गन ने कहा है कि उसकी मौसी स्व.एवी जोन के मकान नंबर 5/39 जो उन्होंने बैनामे के जरिये खरीदा था कि वसीयत उन्होंने 1982 में अपने पांच बच्चों में की थी, जिसमें स्पष्ट लिखा था कि यह संपत्ति कभी बेची नहीं जाएगी और उनके वंशजों के बीच ही यह रहेगी। बावजूद इसके मौसी की चौथे नंबर की बेटी जौयसी शीला जौन हाल निवासी एईएलएम एवेन्यू नार्थ हिल संयुक्त राज्य अमेरिका ने जैनेश्वर दास जैयंत निवासी मैलरोज बाईपास बन्नादेवी व अजय दास उर्फ अजय राजेश्वर दास निवासी शालीमार गार्डन साहिबाबाद गाजियाबाद को मुख्तार नियुक्त कर मकान का बैनामा 21 लाख 52 हजार रुपये में भुकरावली के ऐदल सिंह के नाम कर दिया। इंस्पेक्टर बन्नादेवी रविंद्र दुबे ने तहरीर के आधार पर अमेरिका निवासी महिला जौयसी शीला जौन, जैनेश्वर दास व अजय के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
दरोगा को मकान दिलाने के नाम पर ठगा, अब दे रहे धमकी
जमीन की धोखधड़ी करने वाले अब पुलिस वालों को भी नहीं छोड़ रहे। ऐसा ही मामला एसएसपी दफ्तर में तैनात दरोगा अशोक कुमार गंगवार संग हुआ। उन्हें मकान दिलाने के नाम पर लोगों ने ठग लिया और अब रुपये वापस करने के नाम पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। मामले में दरोगा ने जब एसएसपी से शिकायत की तो एसएसपी के निर्देश पर मामले में बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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दरोगा अशोक कुमार गंगवार के अनुसार वर्ष 2017 अलीगढ़ तैनाती के बाद जनवरी 2018 में वह किशोर नगर बन्नादेवी निवासी विनोद खंडेलवाल के मकान में किराये पर रहने आए। इसी दौरान उनकी मुलाकात दूसरी किरायेदार उमेश कुमारी व उनकी मां महेंद्री देवी निवासीगण गोंदोली पिसावा व उनके परिचित अशोक कुमार निवासी जलालपुर पिसावा, आलोक पालीवाल आदि से हुई। अच्छे रिश्ते होने पर इन लोगों ने दरोगा गंगवार को खैर बाईपास निवासी अनूप कुमार का मकान खरीदवाने का प्रस्ताव दिया।
इस मकान का सौदा 26 लाख में तय हुआ। इस सौदे में मकान स्वामी अनूप व उनकी मां पुष्पा, एक अन्य सत्यपाल व सुधीर चौहान आदि भी सहयोगी बने। इन लोगों ने एडवांस में 2 लाख रुपये मांगे। उस समय दरोगा गंगवार पर रुपये नहीं थे तो उमेश कुमारी के परिचित अशोक ने दरोगा को 2 लाख रुपये ब्याज पर उधार दिए। बदले में दो चेक भी लिए और कहा कि अगर रुपये वापस नहीं किए तो वह चेक का प्रयोग कर लेगा। रुपये वापस करने पर चेक लौटा देगा। इसके अलावा दरोगा ने अपने एक परिचित से डेढ़ लाख लिए और इस तरह अनूप व उनकी मां पुष्पा को साढ़े तीन लाख रुपये दिए। रुपये देने के बाद जब बैनामे की बारी आई तो लोगों ने मना कर दिया।
उल्टा अशोक ने उधार लिया दो लाख भी जबरन धमकी देकर वापस ले लिया। अब रुपये मांगने पर उसे धमकाया जा रहा है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी रविंद्र दुबे के अनुसार इस मामले में अशोक कुमार, सुधीर चौहान, पुष्पा देवी, अनूप कुमार, उमेश कुमारी, सत्यपाल सिंह, महेंद्री देवी व आलोक पालीवाल पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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