महानगर के गांधी पार्क थाना क्षेत्र के सिंधौली बंबा के पास संचालित आराध्या हॉस्पिटल के संचालक ने शनिवार रात इलाज में रियायत मांगने पर स्टाफ के साथ मिलकर एक पुलिसकर्मी सेे मारपीट कर दी। पुलिस कर्मी नेे मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, रविवार को इसी हॉस्पिटल में कासगंज के दो अलग-अलग मरीजों की मौत पर उनके परिजनों ने हंगामा काटा। सूचना पर एसडीएम कोल और थाना पुलिस पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुला लिया। टीम ने हॉस्पिटल की ओटी को सील कर दिया है। जांच में हॉस्पिटल संचालक पर बॉयोमेडिकल वेस्ट जलाने व अन्य मेडिकल नियमों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगा है। पूरे मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई है।
वाकया शनिवार रात का है। गांधी पार्क पुुलिस थाने पर तैनात सिपाही विक्त्रस्म सिंह ने बताया कि उसके मौसा का चार दिन पहले एक्सीडेंट हो गया था। परिवार वालों ने उनको आराध्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इलाज से फायदा न मिलने पर शनिवार रात को उनको डिस्चार्ज कराकर वहां से दूसरे हॉस्पिटल में ले जाने की बात कही। आरोेप है कि अस्पताल के संचालक भूपेंद्र निवासी जमालपुर, हरदुआगंज ने लंबा चौड़ा बिल थमा दिया। बिल में थोड़ी रियायत की बात कही। उसने इंकार कर दिया। इसका विरोध करने पर उसने स्टाफ के साथ मिलकर मारपीट कर दी। इंस्पेक्टर गांधी पार्क के मुताबिक तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
शव न देने के मामले में हंगामा, ओटी सील
इंस्पेक्टर गांधी पार्क सुधीर कुमार धामा के मुताबिक कासगंज के मरीज 45 वर्षीय किशनपाल और 55 वर्षीय चूनाराम के परिवारीजनों ने रविवार की सुबह हॉस्पिटल संचालक व स्टाफ पर उनके मरीजों का गलत उपचार करने और मौत के बाद शव न देने का आरोप लगाया। इसकी सूचना पर एसडीएम कोल सहित थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव परिवारीजनों की सुपुदर्गी में दिए गए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाकर जांच कराई गई तो पाया कि हॉस्पिटल में जो डाक्टर पंजीकृत हैं, उनके स्थान पर अन्य डाक्टर उपचार करते हैं। मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं किया जाता। मेडिकल नियमों का भी पालन नहीं किया जाता। इस पर ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया है।