गोंडा इलाके में गोरई रोड पर शनिवार देर रात बोलेरे व ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर की सूचना पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने पथराव कर खदेड़ दिया। इस दौरान फोर्स की कमी के चलते एसओ को भी भीड़ का आक्रोश देख पीछे लौटना पड़ गया। बाद में कई थानों का फोर्स बुलाकर भीड़ को काबू किया गया और एक्सीडेंट की आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक को पुलिस वहां से निकालकर लाई। इसके बाद पुलिस पर हमले के आरोपियों को चिह्नित कर उनके घरों में दबिश देने का क्रम भी शुरू कर दिया गया था। देर रात तक कई लोग हिरासत में ले लिए थे।
वाकया इस तरह है कि थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया निवासी शोभित कुमार रात करीब साढ़े आठ बजे अपनी बोलेरो में डीजल डलवाकर गोंडा से गांव लौट रहे थे। वह जैसे ही गांव बरौला के पास पहुंचे, तभी सामने से आते ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने बोलेरो को ठोक दिया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर बोलेरो चालक संग मारपीट कर दी। इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई तो सूचना पर पीआरवी पहुंच गई। मगर पीआरवी के पहुंचने से पहले ट्रैक्टर-चालक वहां से ट्रैक्टर लेकर गायब हो गया और ट्रॉली को पास के ही खेत में खड़ा कर गया। पीआरवी स्टाफ को शोभित ने बताया कि यही वह ट्राली है, जबकि चालक ट्रैक्टर लेकर भाग गया है।
इस पर पीआरवी स्टाफ ट्राली को थाने ले जाने की कहने लगा तो इतना सुनते ही ग्रामीण उग्र हो गए। पहले तो पुलिस टीम को घेर लिया और जब बात ज्यादा बढ़ी तो पुलिस पर पथराव कर दिया। इसी सूचना पर इलाके में ही गश्त कर रहे थाना प्रभारी अजब सिंह वहां पहुंचे तो उन्हें भी पीछे हटना पड़ गया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने पुलिस का रास्ता रोकने के लिए बीच रास्ते पर चारपाई आदि तक डाल दीं और चारों ओर से पुलिस को घेरने के इरादे से महिलाएं तक निकल आईं। इसी बीच खबर पर खैर, मडराक, इगलास, लोधा आदि थानों का फोर्स, सीओ इगलास, पीएसी क्यूआरटी आदि पहुंची और ग्रामीणों को सख्त हिदायत देकर वहां से ट्राली को निकलवाया गया। तब जाकर कहीं रात 11 बजे ट्राली वहां से निकलकर थाने पहुंची।
बाद में पुलिस ने यह भी पता लगा लिया कि ट्रैक्टर गांव के ही व्यक्ति का था, जो इस हंगामे के दौरान गांव से ट्रैक्टर लेकर गायब हो गया। एसओ गोंडा अजब सिंह के अनुसार अब गांव में फोर्स तैनात है। मामले में एक मुकदमा एक्सीडेंट का शोभित की तरफ से और दूसरा पुलिस पर पथराव का पुलिस की ओर से लिखवाया जा रहा है। पथराव करने वाले कुछ लोग चिह्नित कर लिए हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही हैं, कुछ लोग हिरासत में भी ले लिए हैं।
जो हमारे हिसाब से चलेगा, वही रहेगा थानेदार
यह एक्सीडेंट तो महज बहाना था, यहां क्षेत्र की एक महिला नेताइन ने पुलिस टीम के घेराव व पथराव के दौरान यह एलान किया था कि जो एसओ हमारे हिसाब से नहीं चलेगा, वह इलाके में तैनात नहीं रहेगा। इसके बाद से पुलिस साफ अंदाजा लगा रही है कि यहां पुलिस पर पथराव व हमला साजिश के तहत किया गया है। ताकि इलाके की कानून व्यवस्था भंग हो और इसका ठीकरा फोड़कर एसओ को सबक सिखाया जा सके। पुलिस इस नेताइन को लेकर भी गंभीरता से विचार कर रही है।