रावण टीला बिजली घर में ताला लगाकर बाहर बैठे लोग
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14 मार्च की शाम तक करीब 6000 उपभोक्ताओं ने 2.89 करोड़ रुपये जमा कर दिया। लेकिन भुगतान के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई। इसी के चलते लोगों का आक्रोश भड़क गया। शनिवार को इससे आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बिजली घरों पर हंगामा किया। नौरंगाबाद में जीटी रोड पर जाम लगा दिया।
अलीगढ़-कानपुर नेशनल हाईवे पर स्थित बौनेर कट और शहर से बौनेर को जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगा गई। रावणटीला, सुरेंद्र नगर, भुजपुरा, डी सेंटर, गूलर रोड, लाल डिग्गी, मेडिकल रोड, जमालपुर, शांति निकेतन जैसे इलाकों के बिजली घरों पर उपभोक्ता भारी संख्या में जुटे और गुस्सा जाहिर किया। सभी बिजली घरों पर स्टाफ बिजली घर छोड़कर चला गया। बिजली अधिकारियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है।
स्मार्ट मीटर का बकाया जमा करने के साथ ही रिचार्ज भी कर दिया गया। उसके बाद भी शुक्रवार की रात से बिजली नहीं आ रही है। शनिवार दोपहर तक बिजली नहीं जुड़ी।- मनोज, रावणटीला
बिजली विभाग ने बिजली तो काट दिया। बिल जमा किए हुए पांच से छह घंटे हो गए। इस दौरान पांच बार बिजली घर का चक्कर लगा चुका हूं। मगर कनेक्शन नहीं जुड़ा।- सचिन, संजय कालोनी
पहले से बिल जमा करने पर ऐसी दिक्कत नहीं आती। रिचार्ज के बाद ही बिजली जोड़ी जा रही है, लेकिन सिस्टम में देरी या गड़बड़ी के चलते कई उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं।- पंकज अग्रवाल, मुख्य अभियंता
रावण टीला बिजली घर पर हंगामा करते लोग
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बिजली का बिल जमा न होने पर आधा दर्जन मस्जिदों की कटी बिजली
बिजली का बकाया जमा न होने पर बिजली विभाग ने शनिवार को मस्जिद नूर खान, मस्जिद सआदत अली खान सहित आधा दर्जन मस्जिदों की बिजली काट दी। रमजान के पाक माह में बिजली काटते से अकीदतमंदों को काफी परेशानी आ रही है। कारण नमाज मस्जिदों के भीतर होता है। ऐसे में भीषण गर्मी से सभी परेशान है। समाज सेवी गुलजार अहमद ने बिजली गुलजार अहमद ने कहा कि मस्जिद का बिल जमा करने की अंतिम तारीख 21 मार्च है। इसकी शिकायत जिला अधिकारी से की जाएगी। कहा कि रमजान के पवित्र महीने में भी बिजली विभाग इस तरह की हरकतें कर रहा है। जिससे समाज में नाराजगी पैदा हो रही है। कहा कि अगर इसी तरह का कार्य बिजली विभाग करता रहा तो वह दिन दूर नहीं के जनता सड़कों पर उतरकर बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन करेगी।
स्मार्ट मीटर की खामियों ने किया नाक में दम
प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना अब उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। अगस्त 2025 से अब तक जिले के कुल 7.50 लाख में से अब तक 2.50 लाख उपभोक्ताओं के घरों में ये मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन इनमें तकनीकी खामियों के कारण उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत रिचार्ज अपडेट न होना है। कई बार ऑनलाइन रिचार्ज करने के बाद भी सर्वर डाउन होने के कारण बैलेंस मीटर में शो नहीं करता। नतीजा यह होता है कि बैंक खाते से रुपये कट जाते हैं, लेकिन घर की बिजली गुल रहती है। पोस्टपेड व्यवस्था में जहां बिल न भरने पर नोटिस जारी करने का प्रावधान था, लेकिन यहां बैलेंस खत्म होते ही सप्लाई तुरंत काट दी जाती है।
बिजली विभाग के कर्मचारी नेता पीडी शर्मा कहते हैं कि सरकारी नियमों के अनुसार रात के समय या छुट्टियों में बिजली न काटने (हैप्पी आवर्स) का प्रावधान है, ताकि उपभोक्ताओं को असुविधा न हो, लेकिन तकनीकी खराबी और खराब आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण यह सिस्टम अक्सर काम नहीं करता और आधी रात को भी लोगों के घरों की बत्ती गुल हो रही है। कर्मचारी नेता दिनेश चंद्र वार्ष्णेय कहते हैं कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्गों के लिए यह प्रणाली अत्यंत जटिल साबित हो रही है। उपभोक्ताओं को यह समझ नहीं आ रहा कि उनका बैलेंस इतनी जल्दी कैसे खत्म हो रहा है।
स्मार्ट मीटर ने दिखाया डिजिटल रंग
- हजारों लोगों की बिजली आपूर्ति हुई बंद
- आपूर्ति बंद होने के बाद विद्युत विभाग कार्यालय पर लोगों की जुटी भीड़
- लोगों ने कहा - जरा सी चूक, कट गई बिजली
- बिल जमा भी कर दिए, तो भी कट गई बिजली
- घर में शादी, रमजान का महीना और गर्मी में बेहाल हुए बिजली कट जाने से लोग
- कम पढ़े-लिखे और अशिक्षित लोगों के लिए सिरदर्द बना स्मार्ट मीटर
- अलीगढ़ के उपखंड अधिकारी कार्यालय प्रथम गूलर रोड पर जमा हुई उपभोक्ताओं की भीड़