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अलीगढ़: कृषि कानून को कांग्रेसियों ने वापस लेने की मांग की, राज्यपाल को ज्ञापन भेजा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेसियों ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से लेकर स्थानीय स्तर तक विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा के प्रभारी विवेक बंसल ने किसानों के साथ हरियाणा में डेरा डाल दिया है। वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया किसान विरोधी काला कानून तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। सभी फसलों का जो भी न्यूनतम समर्थन मूल्य है, उसको कानून के दायरे में लाया जाए। जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में घटनाक्रम चल रहा है, उसको गंभीरता से लिया जाए। किसान दिल्ली में आकर अपनी बात कहना चाहता है। उसकी बात को सुना जाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं के संबंध में अगर केंद्र सरकार
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ने तुरंत ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। शहर अध्यक्ष परवेज अहमद खान ने कहा कि जिस तरह सरकार किसानों के प्रति रवैया अपना रही है उससे लग रहा है कि यह पैसे वालों की सरकार है। इसका किसानों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष अनवर अकील, अनीता करोतिया, दिनेश शर्मा, महासचिव जैनुलाब्दीन, विनोद पाठक, वीरी सिंह बंजारा, मुस्ताक अहमद, नितिन चौहान, कैलाश वाल्मीकि, शेरपाल सविता आदि मौजूद थे।
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इधर, कांग्रेस नेता इरशाद अहमद सलीम ने कहा है कि कृषि विरोधी कानून तत्काल वापस लिया जाए। किसानों पर जो लाठीचार्ज और पानी की बौछार की जा रही है उसे बंद किया जाए। कांग्रेस के पूर्व पर्यवेक्षक अखिलेश शर्मा ने कहा है कि इस काले कानून को वापस लेते हुए फसलों का जो भी समर्थन मूल्य है, वह कानून के दायरे में लाया जाए।
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