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सांसों पर संकट: आंखों में जलन, उखड़ रही सांस, ठीक नहीं हैं अलीगढ़ के हालात, एक्यूआई 400 के पार

Tue, 19 Nov 2024 12:51 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

नगर निगम ने एयर क्वालिटी मापने के लिए शहर के जिन 10 चौराहों पर ऑटोमेटिक मशीनें लगाई हैं वहां एक्यूआई 900 के पास पहुंच गया है। हालांकि, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी का कहना है कि 18 नवंबर को एक्यूआई 270 रहा। नगर निगम की माने तो समान्यत: शहर में 200 एक्यूआई होना चाहिए। लेकिन सभी चौराहों की एक्यूआई लगभग 400 से ऊपर पहुंच गया है।
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रामघाट रोड स्थित क्वार्सी चोराहे पर छाई धुंध - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ शहर की हवा दिन-ब-दिन जहरीली होती जा रही है। सांस लेना मुश्किल हो गया है। आंखों में जलन हो रही है लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम के आंकड़ों में तालमेल नहीं दिख रहा। 18 नवंबर को जहां नगर निगम के ऑटोमेटिक स्टेशनों पर एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 900 पहुंच गया वहीं, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी का कहना है कि शहर का एक्यूआई अभी 270 है। ऐसे में भरोसा करना मुश्किल है कि आखिर किसकी रिपोर्ट सही है और किसकी गलत।

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दीपावली और शादियों में हो रही आतिशबाजियों और कूड़ा आदि जलाने से निकलने वाले धुएं से शहर की हवा जहरीली हो गई है। 18 नवंबर को आसमान में धुंध की चादर बिछी रही। नगर निगम ने एयर क्वालिटी मापने के लिए शहर के जिन 10 चौराहों पर ऑटोमेटिक मशीनें लगाई हैं वहां एक्यूआई 900 के पास पहुंच गया है। हालांकि, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी का कहना है कि 18 नवंबर को एक्यूआई 270 रहा। नगर निगम की माने तो समान्यत: शहर में 200 एक्यूआई होना चाहिए। लेकिन सभी चौराहों की एक्यूआई लगभग 400 से ऊपर पहुंच गया है। जिसके कारण शहर की हवा जहरीली हो गई है। यह वृद्ध व बीमार लोगों के लिए काफी खतरनाक है।

नगर निगम ने जिन चौराहों पर मशीनें लगाई हैं वह काफी धूल भरे इलाके हैं। वाहनों के चलने से उड़ने वाले धूलकण की वजह से मशीनों में एक्यूआई ज्यादा दर्ज हुई है। - राधेश्याम, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी
शहर के 10 चौराहों की एक्यूआई रिपोर्ट तलब की गई है। एटा चुंगी (898) और कलक्ट्रेट (802) पर एक्यूआई सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। सांस के मरीज बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकले। घर से निकलते वक्त मास्क जरूर लगाएं। - विनोद कुमार, नगर आयुक्त

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आंखों में जलन और सांस लेने में हुई परेशानी

18 नवंबर को शहर के हवा में सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन होने लगी। रामघाट रोड 33वीं वाहिनी पीएसी के पास से गुजरने वाले अधिकतर राहगीर, बाइक सवार और यात्री के आंखों से आंसू निकलने लगे। आसपास के ठेले वाले और अन्य दुकानदार भी अपनी-अपनी दुकानों को बंद कर जल्द ही निकल गए।
 
यह होती हैं बीमारियां
जुकाम, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, गले में संक्रमण, अस्थमा, फेफड़ों से संबंधित बीमारियां आदि। 

यह बरतें सावधानी
  • घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क या रुमाल बांधे।
  • आंखों पर चश्मा लगाएं।
  • एक ही मास्क का कई बार उपयोग न करें, इससे संक्रमण फैलने का खतरा है।
  • अस्थमा के मरीज बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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यह है एक्यूआई का पैमाना

  • 0-50 - अच्छी
  • 51-100- संतोषजनक
  • 101-200- सुधरी हुई
  • 201-300- खराब
  • 301-350 - बहुत खराब
  • 351-400 खतरनाक

चौराहे का नाम एक्यूआई माइक्रो घन मीटर
  • कंपनी बाग  665.36
  • आगरा रोड  572.27
  • बाराहद्वारी  464.62
  • सेंटर प्वाइंट  423.58
  • कलक्ट्रेट  802.16
  • दुबे का पड़ाव  420.31
  • एटा चुंगी  898.83
  • एएमयू  351.27
  • मसूदाबाद  476.03
  • रसलगंज  524.69
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