सीएमएस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि जिन दवाओं को एक्सपायरी बताया है, वह वैध अवधि में हैं और नियमानुसार उपयोग योग्य हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंजेक्शन एमिकासिन की एक्सपायरी डेट फरवरी 2026 है, जिसका उपयोग नियमानुसार महीने के अंतिम दिन तक किया जा सकता है।
अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल में एक्सपायरी दवाओं के प्रयोग पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले में डीएम ने सीएमएस से जवाब तलब किया है।
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अमर उजाला में 19 फरवरी के अंक में मरीजों से खिलवाड़, एक्सपायरी दवाओं से हो रहा इलाज” शीर्षक खबर छपी थी। मुख्यमंत्री मीडिया सेल के माध्यम से मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम संजीव रंजन ने मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के सीएमएस से आख्या तलब की। आख्या में यह बताया गया कि एम्लोडिपिन टैबलेट फिलहाल यूपीएमएससीएल के ड्रग वेयरहाउस में उपलब्ध न होने के कारण अस्पताल को प्राप्त नहीं हो पा रही है, जबकि एमोक्सिसिलिन सिरप पर्याप्त मात्रा में अस्पताल में उपलब्ध है। मोक्सी केटी आई ड्रॉप वेयरहाउस की ईडीएल सूची में शामिल नहीं है, इसलिए उसकी आपूर्ति नहीं की जाती।
सीएमएस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि जिन दवाओं को एक्सपायरी बताया है, वह वैध अवधि में हैं और नियमानुसार उपयोग योग्य हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंजेक्शन एमिकासिन की एक्सपायरी डेट फरवरी 2026 है, जिसका उपयोग नियमानुसार महीने के अंतिम दिन तक किया जा सकता है। वहीं, मैथाइलकोबालेमिन इंजेक्शन, प्रेडिनिसोलोन सोडियम आई ड्रॉप, एथमसाइलेट इंजेक्शन, डाईसाइक्लामिन इंजेक्शन तथा पाम इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट मार्च और अप्रैल 2026 में निर्धारित है।
इन दवाओं की वैधता अवधि अभी 40 से 70 दिन शेष बताई गई है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में दवा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश न रहे।