मंडलायुक्त ने एक एसीएम व अपर निदेशक स्वास्थ्य से जांच रिपोर्ट तलब की। जांच रिपोर्ट में शिकायतों के आधार पर कार्यालय के बाबू की भूमिका पर सवाल खड़े किए, जिसके आधार पर बाबू के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई, लेकिन सीएमओ को हटवाने में विधायकों की सामूहिक ताकत विफल रही और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
अब आकर जब प्रदेश स्तर पर तबादला सीजन शुरू हुआ तो इस पद पर बदलाव हुआ है। अब डॉ.नीरज त्यागी के स्थान पर कानपुर के डिप्टी सीएमओ डॉ.रामनाथ को यहां सीएमओ बनाकर भेजा जा रहा है। उन्होंने एक दो दिन में अलीगढ़ आकर चार्ज संभालने की बात कही है। वहीं, नीरज त्यागी को आगरा जेडी बनाकर भेजा गया है। ऐसे में चर्चा विधायकों की सामूहिक ताकत को लेकर हो रही है।
कार्यक्रमों तक में नहीं गए थे उस समय विधायक
जिस समय शिकायतों का दौर चल रहा था। उस समय सीएमओ स्तर से आयोजित कार्यक्रम प्रपत्रों में विधायकों के नाम उल्लेखित किए थे, लेकिन विधायकों ने यह कहकर कार्यक्रमों में जाने से इन्कार कर दिया था कि बिना सहमति नाम शामिल किए गए हैं। इसलिए हम नहीं जाएंगे। इस शिकायत में शहर विधायक, कोल विधायक, इगलास विधायक, छर्रा विधायक, खैर विधायक, एमएलसी आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे थे।