कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। शहर के मेडिकल स्टोर्स पर कोरोना शट आउट/गेट आउट कार्ड (वायरस शट आउट) बेचा जा रहा है। विक्रेताओं का दावा है कि इस कार्ड को गले में पहनने से कोरोना का संक्रमण नहीं होेता है। 30 दिन इसकी समय अवधि बताई जा रही है। लेकिन, इस कार्ड को न तो स्वास्थ्य विभाग से मान्यता मिली है और न ही कहीं से प्रमाणित है। वहीं, ड्रग विभाग भी इससे बेखबर बना हुआ है।
कोरोना शट आउट/गेट आउट (वायरस शट आउट) कार्ड को बाजार में अलग-अलग दामों में बेचा जा रहा है। 100 रुपये से लेकर यह 150 से 180 रुपये तक में बिक रहा है। इस कार्ड के भीतर शक्कर के दाने के बराबर पत्थर जैसे भरे हैं। इनसे एक गंध निकलती है। हैरानी की बात तो यह है कि इसे बेचने वालों को भी इसकी कंपनी का नाम नहीं पता। कार्ड की पैकिंग पर चाइनीज भाषा में सब कुछ लिखा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली के अलावा पूरे प्रदेश में इसे बेचा जा रहा है। आलम यह है कि इस गोरखधंधे से ड्रग विभाग अंजान है। अभी तक एक भी मेडिकल स्टोर कार्रवाई नहीं की है।
कोरोना कार्ड सिर्फ अंधविश्वास है। लोगों से अपील है कि वह इस प्रकार की किसी चीज को खरीदकर अंधविश्वास में न आएं। दवा दुकानों पर छापामारी सोमवार से शुरू की जाएगी, जिसके पास भी यह कार्ड बिकते मिले। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- हेमेंद्र चौधरी, ड्रग इंस्पेक्टर
कोरोना शट आउट कार्ड जैसी किसी भी चीज से कोरोना वायरस खत्म नहीं होता है। संक्रमण छूने से और हवा से फैल रहा है। कोरोना वायरस वैक्सीन से ही मरेगा। लोग इससे बचने को बार-बार हाथ धोएं। चेहरे पर मास्क लगाएं। किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में न आएं। लोगों को सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान देना होगा।
- डॉ. नताशा चौधरी, सीएमओ, सेंट्रल गवर्मेंट हेल्थ स्कीम, अलीगढ़
कोरोना गेट आउट कार्ड जैसी किसी चीज से कोरोना नहीं भागता है। इसको स्वास्थ्य विभाग से मान्यता नहीं मिली है। मेडिकल स्टोर संचालकों से अनुरोध है कि वह इन चीजों को न बेचें, जिनसे जनता में भ्रम फैले।
- शैलेंद्र सिंह टिल्लू, अध्यक्ष जिला अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन