न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
तमाम जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद किसानों द्वारा पराली जलाए जाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बृहस्पतिवार को पूरी रात कसरत चली। कृषि व राजस्व टीमें रात भर दौड़ती रहीं। इस दौरान 13 किसानों को पराली जलाते पकड़ा गया। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
उच्चतम न्यायालय एवं एनजीटी ने पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए फसलों के अवशेष यानी पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार को आदेश दिया है कि जागरूकता कार्यक्रम कर किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला स्तर पर रोजाना जागरूकता कार्यक्रम चलने के बावजूद पराली जलाने की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। प्रभावी अंकुश लगाए जाने के लिए डीएम ने बृहस्पतिवार को जिले भर में अभियान चलाने के आदेश दिए थे।
इसके अनुपालन में कृषि विभाग की टीमें जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार की अगुवाई में पूरी रात दौड़ती रही। राजस्व टीमों ने भी विभिन्न स्थानों पर चेकिंग की। जिला कृषि अधिकारी द्वारा गांव दीनदयाल हरदुआगंज में की गई चेकिंग में गांव के धीरेंद्र प्रताप पुत्र शिशुपाल 2 एकड़ खेत में पराली जलाते रंगे हाथों पकड़े गए। इनके अलावा गांव सुदेशपुर चंडौस निवासी फरियाद अली, गांव आंदोनन झुम्मा अकराबाद निवासी शेरपाल, गांव मौजाबल रामपुर अकराबाद निवासी रामचंद्र सिंह, गांव तहरपुर टप्पल निवासी हरेंद्र सिंह, लाखन सिंह, रविंद्र सिंह, ओमेंद्र सिंह, दशरथ सिंह तथा गांव अहरौली टप्पल खैर निवासी मुकेश सिंह, चंद्रवीर, टिंकू व भगवान सिंह को पराली जलाते पकड़ा गया है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
सेटेलाइट का लिया सहारा
अलीगढ़। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार पूरी रात चली चेकिंग के दौरान पराली जलाने वालों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए सैटेलाइट का सहारा लिया गया। कृषि टीमों ने सेटेलाइट से लोकेशन लेकर विभिन्न स्थानों पर चेकिंग की।