इस मामले में एक सवाल उस कर्मचारी को लेकर भी उठ रहा है, जिसने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले ही वीआरएस लिया व 14 लाख रुपये का ऋण भी लिया था। इस चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर शहर से टप्पल तक वसूली करने के लिए जाने का भी आरोप था। इस तथ्य को जांच में शामिल नहीं किया गया है। कब शामिल किया जाएगा। ये भी सवाल उठ रहा है।
ये है प्रकरण
बेसिक शिक्षा विभाग में सन 2003 से लेकर 20013 तक शिक्षकों के सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खातों में घोटाला हुआ। इस अवधि में तैनात रहे 11 बीएसए, 30 बीईओ, 10 वित्त एवं लेखा अधिकारी समेत 61 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वर्ष 2003 से 2013 तक 520 शिक्षकों के डमी खाते खोले गए। इसके बाद उनमें चार करोड़ 92 लाख 39 हजार 749 रुपये का लेनदेन किया गया।