अलीगढ़ के थाना पिसावा इलाके में एक 11वीं की छात्रा के जहर खाने का मामला सामने आया है। किशोरी के बताए अनुसार एक युवक उसपर फोन पर बात करने का दवाब बना रहा था। विरोध करने पर युवक ने सोशल मीडिया पर किशोरी के साथ के फोटो वायरल कर दिए हैं।
छेड़छाड़ और फोटो वायरल होने से आहत किशोरी ने जहर खा लिया। हालात बिगड़ने पर किशोरी को नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं किशोरी व परिजनों ने क्षेत्रीय भाजपा विधायक पर मुकदमा न दर्ज करने का दवाब बनाने का आरोप लगाया है। पिसावा पुलिस ने इतना सब होने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
पिसावा थाना इलाके के एक गांव की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा है। रोजाना की तरह एक दिन पहले स्कूल से साईकिल पर अपने घर वापस आ रही थी। इसी दौरान बाइक सवार नामजद तीन युवक मिले। पीड़िता ने बताया है कि तीनों युवक उसे जबरन खींच कर खेत में ले जा रहे थे। चीख-पुकार पर राहगीरों ने छात्रा को बचाया। आरोपी वहां पीड़िता के पिता और भाई को जान से मारने की धमकी देने के बाद मौके से फरार हो गए।
छात्रा ने घर जाकर घटना की जानकारी पिता और अपनी मां को दी। पिता किशोरी को लेकर तत्काल थाने गए। आरोप है कि थाना अध्यक्ष ने मुकदमा लिखना भी उचित नहीं समझा। उधर, आरोपियों ने छात्रा का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इससे आहत होकर छात्रा ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में छात्रा को नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। पीड़ित किशोरी और पिता ने कहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है।
इस पूरे मामले पर एसपी देहात शुभम पटेल ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर मुकदमा पहले ही दर्ज किया जा चुका है। दबिश के दौरान आरोपी तीनों युवक फरार हो गए। किशोरी द्वारा जहर खाने का भी मामला सामने आया है। जिसकी नोएडा के अस्पताल में हालत स्थिर बनी हुई है। सीओ खैर के नेतृत्व में 3 टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी । अगर पुलिस की कहीं भी भूमिका संदिग्ध दिखी तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।