बीएसएनएल की इस परियोजना का शुभारंभ तहसील इगलास के लालपुर, बिसमावली, मथरोई, खेमावली और बली विलालपुर गांवों से हो चुका है। इन गांवों में नेटवर्क कनेक्टिविटी स्थापित कर दी गई है।
अलीगढ़ अब उत्तर प्रदेश का पहला डिजिटल मॉडल जिला बनने की राह पर है। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने का महाभियान शुरू कर दिया है। इससे अब ग्रामीणों को तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस परियोजना के पूर्ण होने पर ग्राम पंचायत सचिवालयों को 2100 एमबीपीएस तक की इंटरनेट स्पीड मिलेगी।
विज्ञापन
ऑप्टिकल फाइबर तकनीक की खासियत यह है कि इसमें मौसम खराब होने पर भी नेटवर्क बाधित नहीं होता। पंचायत सचिवालय के 50 मीटर के दायरे में ग्रामीणों को निःशुल्क वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। बीएसएनएल द्वारा सचिवालयों को अनलिमिटेड डाटा प्लान उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस पहल से गांवों का पूर्ण डिजिटलीकरण होगा। आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र और खतौनी जैसे जरूरी कागजात अब पंचायत घर से ही मिल जाएंगे। ग्रामीण छात्र ऑनलाइन क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बिना किसी रुकावट के कर सकेंगे। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक या तहसील की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
बीएसएनएल के प्रस्ताव पर पंचायतों ने अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्द ही पूरे जिले के पंचायत सचिवालय हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और फ्री वाई-फाई से लैस होंगे। - यतेंद्र कुमार, जिला पंचायतीराज अधिकारी
विज्ञापन
जहां नेटवर्क कमजोर, वहां प्राथमिकता
उन गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां वर्तमान में नेटवर्क सबसे खराब है। लालपुर के बाद अब उन डार्क ज़ोन गांवों में काम शुरू होगा जहां कनेक्टिविटी की सबसे अधिक समस्या है। बीएसएनएल की इस परियोजना का शुभारंभ तहसील इगलास के लालपुर, बिसमावली, मथरोई, खेमावली और बली विलालपुर गांवों से हो चुका है। इन गांवों में नेटवर्क कनेक्टिविटी स्थापित कर दी गई है। जल्द ही यह जाल जिले की हर ग्राम पंचायत तक फैल जाएगा।