फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली-एनसीआर, यमुना एक्सप्रेस वे, धनीपुर एयरपोर्ट, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ट्रांसपोर्टनगर, जेवर एयरपोर्ट, राज्य विश्वविद्यालय के कारण अलीगढ़ निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।
अलीगढ़ निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। जनपद को साढ़े आठ हजार करोड़ का निवेश मिल गया है। 17 जनवरी को होने वाले इन्वेस्टर समिट तक अलीगढ़ अपने लक्ष्य दस हजार करोड़ के निवेश तक पहुंच सकता है।
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प्रदेश स्तरीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तर्ज पर अलीगढ़ में 17 जनवरी को अलीगढ़ हैबिटेट सेंटर में जनपदीय इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। जनपद को अब तक साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है। डीएम इन्द्र विक्रम सिंह ने बताया है कि 10 से 12 फरवरी के मध्य तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन लखनऊ में किया जा रहा है, जहां पर बड़ी संख्या में देशी एवं विदेशी निवेशकों, उद्यमियों द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा। अलीगढ़ में भी 17 जनवरी को जनपदस्तरीय इन्वेस्टर समिट का आयोजन हैबीटेट सेन्टर में किया जा रहा है।
अलीगढ़ फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली-एनसीआर, यमुना एक्सप्रेस वे, धनीपुर एयरपोर्ट, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ट्रांसपोर्टनगर, जेवर एयरपोर्ट, राज्य विश्वविद्यालय से आच्छादित जनपद है। यहां निवेश की दृष्टि से पूर्णतया सुरक्षित, अनुकूल माहौल एवं हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। भौगोलिक दृष्टि से चारों तरफ से सड़कों , हाइवे मार्गों, रेलवे कनेक्टिविटी से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नज़दीक होने एवं भविष्य में जेवर एयरपोर्ट के पूर्ण होने पर यहां निवेशकों को अधिक लाभ प्राप्त होंगे।
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अलीगढ़ में आयोजित हो रहे इन्वेस्टर समिट में प्रतिभाग करने वाले निवेशकों को अलग-अलग विभागों के स्टॉल और आडिटोरियम में लघु फ़िल्म के माध्यम से विकास एवं निवेश के प्रति आकर्षण पैदा करने वाली झलिकयां भी प्रस्तुत की जाएंगी। संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेंद्र सिंह ने बताया कि अलीगढ़ को पहले 4000 करोड़ निवेश का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य को बढ़ाकर 6000 करोड़ किया गया। कुशल प्रशासनिक अधिकारी जिला मजिस्ट्रेट इन्द्र विक्रम सिंह के कुशल नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में अब तक साढ़े आठ हज़ार करोड़ का निवेश प्राप्त हो चुका है। 10 हज़ार करोड़ के अपने निर्धारित लक्ष्य को बड़ी आसानी से प्राप्त कर लेंगे।