न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यायालय सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने खुर्शीदुरहमान एस रहमान एडवोकेट बनाम अमित शाह पुत्र अनिल चंद्र शाह के मामले में अवर न्यायालय की ओर से निगरानीकर्ता/परिवादी खुर्शीदुर्रहमान एस रहमान एडवोकेट की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र निरस्त करने का आदेश किया है।
निगरानीकर्ता/परिवादी खुर्शीदुर्रहमान एस रहमान एडवोकेट ने अमित शाह अध्यक्षता वाली भाजपा ने वर्ष 2014 के भारतीय संसदीय लोकसभा निर्वाचन के लिए चुनाव घोषणा पत्र-2014 के रूप में तैयार कर नरेंद्र मोदी सहित भाजपा नेताओं ने घोषणा पत्र में वर्णित वादों के आधार पर निगरानीकर्ता व उनके परिचित व शुभचिंतकों सहित भारत की जनता को अपने पक्ष में कीमती मत देने के लिए उत्प्रेरित किया। सरकार बनी।
केंद्र सरकार के पांच वर्ष पूरे होने से कुछ दिन पहले 30 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री से घोषणा पत्र दस्तावेज 2014 की घोषणाओं व वादों के पूरा करने के संबंध में जानकारी मांगी गई, जिस पर ज्ञात हुआ कि केंद्रीय सरकार ने घोषणापत्र वर्ष 2014 के अनुसार वादे व कार्य नहीं किए। इसे लेकर अधिवक्ता ने अमित शाह के खिलाफ अर्जी दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया है। खुर्शीदुरहमान एस रहमान एडवोकेट ने बताया कि इस मामले में वह उच्च न्यायालय की शरण लेंगे। ब्यूरो