अभिषेक शर्मा, अलीगढ़। भाजपा के दिग्गज केंद्रीय नेता व गृह मंत्री अमित शाह बृहस्पतिवार को तालानगरी की जन विश्वास रैली में अपने 14 मिनट के संबोधन में युवाओं और नए वोटरों में जोश भरते नजर आए। बार-बार वे युवाओं की ओर सवाल उछालकर भाजपा के लिए समर्थन मांगते और युवा भी उसी जोशीले अंदाज में उन्हें जवाब देते।
इस दौरान देरी से आने की माफी मांग, केंद्र सरकार के काम गिनाकर और यूपी में अपराध के मुद्दे को उन्होंने भाजपा को यूपी की जरूरत बताया। इस दौरान सपा के तीन पी और भाजपा के तीन वी के फार्मूले के जरिये भी सपा पर तीखा प्रहार किया। गृह मंत्री अपने निर्धारित समय से करीब सवा घंटे देरी से आए।
इस पर उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत करते ही सबसे पहले देरी से आने पर माफी मांगी और कहा कि हेलिकॉप्टर न उड़ पाने की वजह से देरी हुई है। इस दौरान उन्होंने भारत माता की जयकार के नारे लगवाते हुए कहा कि अलीगढ़ वालो आवाज को क्या हो गया है, इतने सारे युवा हैं, ऐसे बोलेंगे क्या? इसके बाद विजय संकल्प की मुट्ठी भरकर हाथ उठवाकर युवाओं से नारा लगवाया। इसके बाद युवाओं को जिगर के टुकड़े जैसे मित्रो कहकर संबोधित कर जुड़ने का प्रयास किया।
यहां से उन्होंने विश्वामित्र, हरिदास, गोपालदास नीरज, राजा महेंद्र प्रताप और बाबूजी कल्याण सिंह के नाम का जिक्र कर अपने संबोधन की शुरुआत की। फिर कहा कि बाबूजी ने सिखाया कि यूपी में सुशासन कैसे होता है। उन्होंने राम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी तक बली चढ़ाई।
फिर तंज की शुरुआत करते हुए कहा कि राम मंदिर से जुड़ी यात्रा पर गोली किसने चलवाई। आज मंदीर की नीव किसने रखी है। अखिलेश कितना ही दम क्यों न लगा लें, देखते ही देखते कुछ महीनों में आकाश छूने वाला प्रभु श्रीराम का मंदिर बनकर रहेगा।
इस तरह से उछाले पब्लिक पर सवाल, इस बार 300 पार
इसके बाद उन्होंने क्षेत्रवाद, जातिवाद और भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए बुआ-बबुआ की ओर इशारा किया। कहा कि ये यूपी का भला कर सकते हैं क्या..कर सकते हैं कर सकते हैं। गुंडई समाप्त कर सकते हैं क्या, गरीबों के घर में दो साल तक मुफ्त अनाज भेज सकते हैं क्या?
शौचालय बनवा सकते हैं, बिजली भेज सकते हैं क्या, घर दे सकते हैं क्या, पांच लाख तक की दवाओं का खर्चा अखिलेश मुफ्त में दे सकते हैं क्या, ये देने का साहस किसी में है तो हमारे सिर्फ पीएम मोदी जी में है। भीड़ से जुड़ने के प्रयास में कहा कि अब तक दस रैलियां की हैं। ऐसे ही अपार जनसमूह मिल रहा है। इस बार आपके सहयोग से 300 पार की सरकार बनेगी। बोलो अबकी बार 300 पार।
ये है तीन पी और तीन वी का फार्मुला
उन्होंने सपा के तीन पी की परिभाषा बताते हुए कहा कि ये परिवारवाद, पक्षपाल और पलायन की राजनीति करते हैं। भाजपा तीन वी यानि विकास, व्यापार और सांस्कृतिक विरासत की सियासत करती है। इसीलिए बाहुबलियों का बोलबाला रहा है। मगर अब नहीं। अब सिर्फ बजरंगबली दिखाई देते हैं। यूपी में अब हर तरह के अपराध में कटौती आई है।
आलू फैक्टरी की दिलाई याद
अमित शाह ने कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा कि भाई-बहन घूम रहे हैं। पिछले चुनाव में यहां राहुल जी ने आलू फैक्टरी लगवाने की बात कही थी। आप बताइये उन्हें मालूम ही नहीं कि आलू धरती माता उगाती है। ये लोग क्या भला करेंगे। अंत में उन्होंने केंद्र व प्रदेश के कामों का बखान करते हुए सरकार बनवाने, कमल निशान दबाने, 300 से ज्यादा जिताने, योगी-मोदी को मजबूत करने की अपील की और फिर जय श्रीराम के नारे लगवाए।
योजनाओं को गिनाने का मकसद बेजां नहीं
सभा में अमित शाह ने योजनाएं यूं ही नहीं गिनाईं। अपने जिले में इन योजनाओं से कई लाख लोग लाभान्वित होते हैं। रिकार्ड के अनुसार जिले में 3.56 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि मिल रही है। 50 हजार से परिवारों को मकान दिए गए हैं। साढे़ छह लाख राशन कार्डों से जुड़े 27 लाख लोगों को महीने में दो बार मुफ्त राशन मिल रहा है। साढ़े तीन लाख लोगों के शौचालय बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान योजना 12 लाख लाभार्थी जुड़े हैं।