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अलीगढ़ : मोदी के दम पर विधानसभा चुनाव जीतने की तैयारी

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ताला नगरी मैदान में जन विश्वास रैली में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते केंद्रीय ग्रहमंत्री अमित श - फोटो : CITY OFFICE
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मो. तौहिद आलम, अलीगढ़। सात साल में चौथी बार अलीगढ़ आए गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम के दम पर योगी सरकार को फिर से सत्ता में लाने का आह्वान किया। रैली भले विधानसभा चुनाव के लिए थी लेकिन इसमें मुद्दे केंद्रीय ही हावी रहे।
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गृहमंत्री ने अपने 14 मिनट के भाषण में अनुच्छेद 370, सर्जिकल स्ट्राइक, राम मंदिर निर्माण, कश्मीर में आतंकवाद का जिक्र किया लेकिन योगी सरकार के पांच साल के काम की समीक्षा में केवल कानून व्यवस्था का ही जिक्र किया। बृहस्पतिवार को तालानगरी स्थित मैदान में जन विश्वास रैली को संबोधित कर रहे गृहमंत्री ने अपने भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जिन्ना वाले बयान का जिक्र कर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लगी जिन्ना की तस्वीर के विवाद को फिर से जेहन में ला दिया।
शाह ने कल्याण सिंह का जिक्र कर उन्हें राम मंदिर निर्माण का असल नायक पेश करने के साथ ही लोधी समाज को भी साधने की कोशिश की। गृहमंत्री अमित शाह अलीगढ़ में इससे पहले तीन बार आ चुके हैं। पिछली बार वे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में आए थे।
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गृहमंत्री ने प्रदेश में कानून व्यवस्था पर योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार में बहन बेटियों को गुंडे परेशान करते थे। लोगों की जमीन छीन लेते थे लेकिन योगी की सरकार में गुंडे, बाहुबली नहीं दिखते। अब सिर्फ बजरंगबली दिखते हैं।
निजाम शासन के बहाने ध्रुवीकरण की कोशिश
गृहमंत्री ने अपने भाषण में नसीरुद्दीन, इमरान मसूद, आजम खान और मुख्तार अंसारी (निजाम) पर निशाना साधकर ध्रुवीकरण करने की कोशिश भी की। गौरतलब है कि योगी सरकार ने सपा नेता आजम खान और माफिया मुख्तार अंसारी पर कानूनी शिकंजा कसा है। मुख्तार की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलवाया है तो कई अनियमितताओं के कारण आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को सरकारी कब्जे में ले लिया है।
बुआ पर नरम, बबुआ पर गरम... भाई-बहन को भी लिया आड़े हाथ
पूरे भाषण में गृहमंत्री का रुख बसपा के प्रति नरम रहा। मायावती के खिलाफ न बोलकर उन्हें भविष्य के दरवाजे खुले रखे हैं। गौरतलब है कि पहले यूपी में भाजपा और बसपा की गठबंधन की सरकार रह चुकी है। अमित शाह पूरे भाषण में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर ज्यादा हमलावर दिखे। कारसेवकों पर पर गोली चलवाने की बात कहकर उन्होंने अपने हिंदुत्व के एजेंडे को हवा दी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी गृहमंत्री ने आड़े हाथों लिया।
अलीगढ़ यूनिवर्सिटी का नहीं किया जिक्र
अलीगढ़ में 1200 करोड़ रुपये की लागत से राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। माना जाता है कि यह विश्वविद्यालय यहां अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की टक्कर में बनाया जा रहा है। भाजपा नेता एएमयू पर लगातार बयान भी देते रहते हैं।
एएमयू में लगी जिन्ना की तस्वीर का मुद्दा अलीगढ़ से लेकर दिल्ली तक उठता रहा है। ऐसे में माना जा रहा था कि गृहमंत्री भी एएमयू को लेकर कुछ बोलेंगे लेकिन, अपने भाषण में उन्होंने एक बार भी इसका जिक्र नहीं किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने पिछले साल शताब्दी समारोह पर एएमयू की तारीफ करते हुए कहा था कि हम इसके कैंपस में मिनी इंडिया देखते हैं।

तालानगरी मैदान में जन विश्वास रैली को संबोधित करते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह। संवाद- फोटो : CITY OFFICE

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