संयुक्त केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) शामिल होगा। यह फैसला एएमयू एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया। इससे स्नातक प्रवेश परीक्षा में शामिल न होने की अटकलों पर विराम लग गया।
शनिवार को हुई काउंसिल की बैठक में सीयूईटी के सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श करने के लिए दिसंबर में एकेडमिक काउंसिल द्वारा गठित समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया। एएमयू कुलपति ने एक विस्तृत पत्र भेजकर कई मामलों पर स्पष्टीकरण मांगा था।
इसके बाद अतिरिक्त सचिव उच्च शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालय द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर स्पष्टीकरण भेजा। समिति ने पत्र पर चर्चा की और तय किया कि विश्वविद्यालय सीयूईटी के टेस्ट स्कोर का उपयोग करेगा, लेकिन आंतरिक आरक्षण, विभिन्न श्रेणियों के लिए कुलपति के नामांकन अधिकार और ब्रिज कोर्स और मदरसों के छात्रों के प्रवेश सहित प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय के प्रावधान अप्रभावित रहेंगे।
विश्वविद्यालय अपना काउंसिल सत्र आयोजित करेगा। काउंसिल ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रवेश और पात्रता के लिए प्रवेश समिति की सिफारिश पर भी विस्तार से चर्चा की और इसे अपनी मंजूरी प्रदान की। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने की। इस अवसर पर रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक, संकायों के डीन, कॉलेज के प्राचार्य, विभागों के अध्यक्ष, केंद्रों के निदेशक और एकेडमिक काउंसिल के अन्य सदस्य बैठक में शामिल हुए।
ये पाठ्यक्रम शामिल नहीं सीयूईटी में
बीटेक, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, 11वीं कक्षा, डिप्लोमा पाठ्यक्रम, स्कूलों की प्रवेश परीक्षा व अन्य सभी पाठ्यक्रम जो सीयूईटी में शामिल नहीं हैं। इनकी प्रवेश परीक्षा एएमयू आयोजित करेगा। इसमें सभी कोटा और आरक्षण बरकरार रहेगा।
एकेडमिक काउंसिल द्वारा अनुमोदित समिति की सिफारिशों के अनुसार, विश्वविद्यालय गत वर्षों की भांति अपने स्वयं के परामर्श सत्र आयोजित करेगा। एएमयू द्वारा मान्यता प्राप्त मदरसों, संस्थानों के उम्मीदवार भी सीयूईटी स्कोर के आधार पर, यदि वह एएमयू एडमीशन गाइड में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं और यदि उन्होंने एएमयू ब्रिज कोर्स (सीईपीईसीएएमआई) पास कर लिया है, तो वह प्रवेश लेने के पात्र होंगे।
आंतरिक कोटा और सभी नामांकन कोटा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग) विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बच्चे, पूर्व छात्रों के बच्चे, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चे, जो हाल ही में अलीगढ़ में तैनात, स्थानांतरित हों, दूर के राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, शारीरिक रूप से दिव्यांग, एनसीसी कैडेट, उत्कृष्ट खिलाड़ी, उत्कृष्ट डिबेटर, सशस्त्र बलों के बच्चे जो युद्ध में मारे गए बरकरार रहेंगे।