अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस (तृतीय वर्ष) की कक्षा में देवी-देवताओं पर अमर्यादित पाठ पढ़ाने वाले निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार को बृहस्पतिवार को थाना सिविल लाइन में विवेचक ने तलब किया। पूछताछ करते हुए उसके बयान दर्ज किए गए। साथ में पुलिस ने उन्हें नोटिस दिया है।
क्षेत्राधिकारी तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार को बयान लेने के लिए थाना सिविल लाइन बुलाया गया था। उन्होंने अपना बयान दर्ज करा दिया है, उन्हें नोटिस दिया गया है। बयान के आधार और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही।
डॉ. जितेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने पांच अप्रैल को कक्षा में पढ़ाने के दौरान हिंदू धर्म के देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कही थीं। एक छात्रा ने इस संबंध ट्वीट करके कक्षा में लगे प्रोजेक्टर का स्क्रीन शॉट शेयर किया था। इसके बाद यह स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मामले को तूल पकड़ते देख एएमयू इंतजामिया ने डॉ. जितेंद्र निलंबित कर दिया गया है। वहीं, इस मामले में एएमयू के पूर्व छात्र व भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में डॉ. जितेंद्र कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
माफी की मुद्रा में नजर आए निलंबित प्रोफेसर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, निलंबित प्रोफेसर को विवेचक ने जब पूछताछ व बयान दर्ज करने के लिए थाने बुलाया तो वे एक बार की सूचना पर ही थाने पहुंच गए। इस दौरान वे बातचीत में माफी की मुद्रा में नजर आए और एक ही बात कही कि उनका उद्देश्य ऐसा नहीं था। मगर वे पढ़ाई कराने के दौरान अंजानें में गलती कर बैठे। फिलहाल पुलिस ने उन्हें कहा है कि वे बिना सूचना या अनुमति के कहीं नहीं जाएंगे। जब भी पुलिस बुलाएगी वे थाने आएंगे।
निलंबित शिक्षक पर बयान देने से बच रहे एएमयू के शिक्षक
निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार को लेकर कोई भी टिप्पणी करने से एएमयू के शिक्षक बच रहे हैं। ज्यादा दबाव डालने पर शिक्षक बोलते हैं कि उन्हें इस पर बोलने से मना किया गया है। डॉ. जितेंद्र कुमार, एएमयू से पहले डॉ. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल दिल्ली में पढ़ा रहे थे। उन्होंने अक्तूबर 2021 में एएमयू में ज्वाइन किया था। शिक्षकों का कहना है कि निलंबित शिक्षक जो पाठ पढ़ा रहे थे, वह एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में नहीं है।
24 घंटे में कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार को लेकर मामला के तूल पकड़ते देख एएमयू इंतजामिया ने बुधवार दोपहर करीब 12 बजे उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके 24 घंटे में जवाब मांगा था, लेकिन बृहस्पतिवार को दो बजे तक उनका जवाब नहीं आया। पीआरओ विभाग के अनुसार, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
चेयरपर्सन पर कार्रवाई होनी चाहिए : निशित
एएमयू के बीडीएस के पूर्व छात्र व भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा ने आरोप लगाया है कि जेएन मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति विचारधारा के आधार पर हो रही है। विभाग के चेयरपर्सन पर कार्रवाई न करना एएमयू प्रशासन का चरित्र उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार, हिंदू देवी-देवताओं पर अमर्यादित पाठ पढ़ा रहे थे। पढ़ाने से पहले विषय के बारे में डॉ. जितेंद्र ने चेयरपर्सन से अनुमति ली थी। अगर ऐसा नहीं है तो यह अनुशासनहीनता है। इसकी जांच होनी चाहिए। डॉ. जितेंद्र कुमार जेल जाएं, इसके लिए वह प्रयास करेंगे।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था मकसद : डॉ. जितेंद्र
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस (तृतीय वर्ष) की कक्षा में देवी-देवताओं पर अमर्यादित पाठ पढ़ाने वाले निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताया। कहा, उनके दादा-दादी हिंदू थे। बुधवार को गठित जांच समिति ने निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार के जवाब को भी अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल कर लिया है। जांच समिति सारी तथ्यों व साक्ष्यों को एकत्र करके एएमयू इंतजामिया को रिपोर्ट देगी।