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कश्मीर में फंसे अलीगढ़ के अमरनाथ तीर्थयात्री

Sun, 10 Jul 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कश्मीर में फंसे अलीगढ़ के अमरनाथ तीर्थयात्री - फोटो : महीपाल ‌सिंह
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कश्मीर घाटी में हिजबुल कमांडर आतंकी बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के विरोध के बीच शनिवार सुबह श्रीनगर के पंथ चौक पर बल्वाइयों ने अमरनाथ यात्रियों पर हमला बोल दिया। इन तीर्थ यात्रियों में डेढ़ सौ अलीगढ़ केहैं।
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सेना ने बल्वाइयों से मोर्चा लेते अमरनाथ यात्रियों को अपने सुरक्षा घेरे में तो ले लिया। मगर वह सभी फंस गए हैं। इन तीर्थ यात्रियों के चारों ओर बल्वाई लगातार पथराव, फायरिंग व बमबारी कर रहे हैं। कई वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं। इस खबर के मिलने के बाद उनके परिवारों में बेहद बेचैनी का आलम है। परिजन बराबर उनसे संपर्क में हैं। घरों में सकुशल वापसी के लिए पूजा-अर्चना की जा रही है।
मामू भांजा निवासी चंद्रपाल कश्यप पिछले 22 साल से श्री अमरनाथ बाबा सेवा समिति के तहत छड़ी यात्रा लेकर अमरनाथ दर्शन को जाते हैं। इस बार भी वह करीब 90 तीर्थ यात्रियों को दो बसों में लेकर गए हैं। इनका जत्था 28 जून को यहां से रवाना हुआ था और अमरनाथ दर्शन के बाद वापसी में शुक्रवार शाम श्रीनगर रेलवे स्टेशन के पास पंथ चौक पहुंच गया था। यहां रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह वापसी की तैयारी थी। मगर शुक्रवार को दस लाख के इनामी आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी के साथ-साथ श्रीनगर में भी कर्फ्यू लगा दिया गया। रात को इन सभी यात्रियों के फोन भी बंद करा दिए गए थे।
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चंद्रपाल कश्यप ने बताया कि शनिवार सुबह अचानक उपद्रवी भड़क गए और उन्होंने सेना से मोर्चा लेना शुरू कर दिया। पंथ चौक पर रुके तीन हजार के करीब अमरनाथ तीर्थ यात्रियों की ओर पथराव शुरू कर दिया। उनके वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। मामू भांजा से गए जत्थे के दिल्ली निवासी बस चालक सरदार को घेरकर जमकर पीटा गया। उसकी बस के सभी शीशे आदि तोड़ दिए गए।
बस चालक को सेना के जवानों ने जैसे-तैसे बचाया और इलाज के लिए अस्पताल में भरती कराया। इसके अलावा कुछ अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद से सभी तीर्थ यात्रियों को सेना ने पंथ चौक पर ही एक खुले मैदान में सुरक्षा घेरे में ले रखा है। मगर बल्वाइयों की ओर से पथराव, फायरिंग व बमबारी जारी है। पंथ चौक पर अलीगढ़ के 150 श्रद्धालु फंसे हैं।
बालटाल के भंडारों में फंसे श्रद्धालु, अमरनाथ यात्रा रोकी
अलीगढ़। इस बवाल चलते जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा रोक दी है। बालटाल स्थित भंडारों में अलीगढ़-हाथरस के करीब 150 से अधिक श्रद्धालु फंस गए हैं। हालांकि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। मगर वहां से न वापस लौटने दिया जा रहा है और न आगे जाने दिया जा रहा है। श्री अमरनाथ शिव शक्ति सेवा मंडल के प्रधान अजय जलेसरिया ने बताया कि बालटाल स्थित धूमेल पर उनका भंडारा है। शनिवार सुबह से ही प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को रोक दिया। एनाउंस के बाद श्रद्धालुओं को सुरक्षा की दृष्टि से भंडारों में रोक लिया है। उनके भंडारे में अलीगढ़ और हाथरस के करीब 150 श्रद्धालु रुके हुए हैं। यात्रा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को जाने दिया जाएगा। श्री अमरनाथ सेवा मंडल के प्रधान सेवादार पंकज वार्ष्णेय निवासी अशोक नगर ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण करनाल के भंडारे में उनके साथ गणेश वार्ष्णेय निवासी अशोक नगर, संजीव वार्ष्णेय निवासी नौरंगाबाद, नीरज निवासी बारहद्वारी सहित 60 श्रद्धालु रुके हुए हैं। उधर, आरपीएफ के उपनिरीक्षक चौ. राम बाबू ने बताया कि वह दादरी के लोगों के साथ बाबा के दर्शन करने गए थे। देर शाम प्रदर्शनकारियों ने उनकी बस पर पथराव कर दिया, जिससे बस के शीशे टूट गए।
नजरें टीवी पर और नेताओं से मदद की गुहार
अलीगढ़। अमरनाथ यात्रा पर गए वह तीर्थ यात्री खुद को बुरी तरह घिरा मान रहे हैं जो श्रीनगर के पंथचौक या उससे पीछे बालटाल और उसके आसपास हैं। जो अभी श्रीनगर नहीं पहुंचे, उनको पहले से रोक दिया गया है। यह यात्री बेहद दहशत में हैं। इधर, यहां उनके परिजनों का हाल बेहाल है। हर कोई मदद के इधर से उधर भागदौड़ करता दिख रहा है। एक तरफ जहां टीवी पर नजरें गढ़ाए हुए हैं और यहां नेताओं स संपर्क कर केंद्र स्तर से मदद की मांग की जा रही है। वहां से भी कुछ लोगों ने सीधे भाजपा नेताओं को फोन किए हैं। शनिवार को कुछ यात्रियों के परिजन मेयर के आवास पहुंचे और कुछ ने सांसद से वार्ता की। हालांकि उन्हें हर तरफ से मदद का भरोसा मिल रहा है। मगर अब तक के हालात से तीर्थ यात्री या उनके परिजन कतई संतुष्ट नहीं हैं।
सेना के सामने ही पथराव-गोलीबारी
श्रीनगर के पंथचौक पर मौजूद एटा चुंगी निवासी भाजपा नेता प्रदीप गांधी ने अमर उजाला से मोबाइल पर बातचीत में जानकारी देते हुए बताया कि सुबह से यहां हालात बेकाबू हैं। सेना ने हमें एक खुले मैदान में घेरकर रोकर रखा है। मगर सेना के सामने ही हम लोगों की ओर सीधे फायरिंग व पथराव बल्वाइयों द्वारा किया जा रहा है। हमारे वाहनों को तोड़ा जा रहा है। सेना को गोली चलाने के आदेश नहीं हैं। इसलिए बल्वाई निरंकुश बने हुए हैं।
खुद उन्होंने मेयर शकुंतला भारती व सांसद सतीश गौतम के पीए से वार्ता कर यहां की स्थिति बताई है और खुद की मदद का मुद्दा केंद्र स्तर पर उठाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि रात को हमारे फोन बंद करा दिए गए थे। अब दिन में फोन खुले हैं। मगर इंटरनेट सेवा नहीं है। यहां प्रदीप के घर में उनकी पत्नी रूबी गुप्ता, बेटी लकी व लवी और बेटा दीवान पापा की सकुशल वापसी के लिए पूजा-अर्चना में लगे हैं। परिजनों के अनुसार दिन में भी उनसे वार्ता हुई है।  
परिजनों से तीसरे दिन भी नहीं हो सका संपर्क
मामू भांजा चंद्रपाल कश्यप भी प्रदीप गांधी आदि के साथ पंथचौक पर मौजूद हैं। वृद्ध होने के कारण उनकी हालत कुछ ठीक नहीं। यहां परिवार में पत्नी नीलम व तीन बच्चे हैं। बेटे संजीव के अनुसार बृहस्पतिवार को फोन पर बात हुई थी। इसके बाद से उनका फोन बंद है। मगर शनिवार को एक अन्य साथी से उनका हाल चाल मिल गया है।
दो परिवारों के सभी सदस्य शामिल हैं इस यात्रा में
गांव भदेसी निवासी राकेश सारस्वत का यहां पला रोड पर ताले का कारखाना है। वह इस बार अपनी पत्नी कीर्ती व बेटे करन के साथ तीर्थ यात्रा को गए हैं। उन्होंने चार दिन पहले एक सेल्फी मोबाइल से खींची थी, जिसे उन्होंने दो दिन पहले अपने मित्रों को भेजा था। अब यह भी पंथचौक पर फंसे हैं। वहां के हालात को लेकर वह बेहद दहशत में हैं। इसी तरह एडीए कॉलोनी सासनी गेट निवासी कारोबारी देवेंद्र अपनी पत्नी सुनीता, बेटा हिमांशू व बेटी मोहिनी के साथ गए हैं। उनके रिश्तेदार व परिचित भी बेहद चिंतित हैं। उन्होंने भी दो-तीन दिन पहले एक सेल्फी भेजी थी।
मगर अब वह भी किसी से संपर्क नहीं कर पा रहे। इन दोनों परिवारों के मुखिया राकेश व देवेंद्र ने अमर उजाला से बातचीत कर अपना हाल-चाल बताया है। यह भी जानकारी दी है कि वह वैसे तो सुरक्षित हैं। मगर सेना उनको सुरक्षित निकाल नहीं पा रही।
पंथचौक पर फंसे लोगों की सूची
मुकेश बघेल, लक्ष्मी देवी बंगाली गली चंदनिया, मनीष वार्ष्णेय, दुष्यंत कुमार बाबरी मंडी, ओमवती शर्मा श्याम सरोवर रामघाट रोड, शीलो देवी जुलूपुर सिहौर, विकास माहौर, मोहित माहौर बिहारी नगर सासनी गेट, पंकज शर्मा सिहौर, सावित्री देवी रामनगर आईटीआई रोड, राजकुमार जयगंज, बॉबी राजमऊ अतरौली,  सावित्री देवी, जयदीप, राकेश किशनपुर, इंद्रजीत सिंह, राजपाल सिंह, दयावती  आसना अजीतपुर, ललित माहेश्वरी कनवरीगंज, गौरव गुप्ता, चंद्रशेखर गुप्ता शंकर विहार क्वार्सी, मयंक मित्तल, पंकज जैन सासनी, विवेक माहेश्वरी पुरदिल नगर हाथरस, रासा गुप्ता आदर्श नगर हाथरस, फतेह सिंह निजंरनपुरी, रेनू टीकराम कॉलोनी किशनपुर, अजय शर्मा, राधा शर्मा स्वर्ण जयंती नगर, सुनीता देवी, उमेश कुमार,  जिहौर, कीर्ती सारस्वत, राकेश सारस्वत भदेसी, ओमप्रकाश माहेश्वरी, नीलम माहेश्वरी एकता नगर बेगपुर, मोहिनी सारस्वत, हिमांशू सारस्वत, सुनीता सारस्वत, देवेंद्र सारस्वत एडीए सासनी गेट, गोपाल प्रसाद, नीलम गुप्ता,  नगला मसानी, मनोज वशिष्ठ ज्ञान सरोवर, उमेश चंद्र नई बस्ती, यतीश कुमार इंदिरा नगर, कुश वार्ष्णेय नौरंगाबाद, सुशील गांधी एटा चुंगी, चंद्रपाल कश्यप मामू
भांजा, शारदा देवी, कृपाल सिंह दरबर गोंडा, राजरानी सारस्वत महेंद्र नगर, गोविंद स्वरूप शर्मा गंभीरपुरा, मुकेश सिंघल एकता नगर आदि सहित करीब 150 यात्री हैं।
बालटाल और रास्ते में फंसे लोगों की सूची
शिवपाल, हरजीत सिंह, अजय शर्मा, मनोज शर्मा, कोल्ड स्टोर स्वामी पीपी सिंह, सीतांशू भारद्वाज श्याम नगर, प्रणेश कुमार, अरविंद सिंह सासनी, श्री अमरनाथ सेवा मंडल के प्रधान सेवादार पंकज वार्ष्णेय निवासी अशोक नगर, गणेश वार्ष्णेय निवासी अशोक नगर, संजीव वार्ष्णेय निवासी नौरंगाबाद, नीरज निवासी बारहद्वारी, आरपीएफ के एसआई रामबाबू सहित सहित 60 श्रद्धालु हैं।
बालटाल के भंडारों में यात्रियों का हाल
पीपी सिंह ने बताया कि यहां से न हमें वापस लौटने दिया जा रहा है और न श्रीनगर से ही इधर लोग आ रहे हैं। अब पता नहीं कब तक हमें यहां रुकना होगा। यहां भंडारों में ही हम लोग रुके हुए हैं।
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