नवंबर में पकड़े गए कंपनी के बीफ मामले में पशु चिकित्साधिकारी पर चार माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि तत्कालीन सीवीओ एनएन शुक्ला ने निदेशालय को पत्र लिखकर कार्रवाई की संस्तुति की थी। यही नहीं पकड़े गए बीफ पर चिकित्सक के द्वारा ही प्रमाणित किया गया था। यही नहीं चार माह बाद आईडी पासवर्ड बंद करना भी सवालों के घेरे में हैं।
दादरी में पकड़े गए बीफ मामले में कंपनी का नाम सामने आया था। अल तबारक मीट फैक्टरी से पशु चिकित्साधिकारी को हटा दिया गया। इससे कम्पनी मीट का निर्यात नहीं कर सकेगी। इसके लिए विभाग की अनुमति आवश्यक होगी।- डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, सीवीओ
अल तबारक मीट फैक्टरी को लाइसेंस का नवीनीकरण न होने के कारण पहले की बंद कर दिया गया था। निदेशालय के आदेश के बाद जिले स्तर की गठित टीम की मौजूदगी में फैक्टरी को सील कर दिया गया है। - राधेश्याम, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड