अलीगढ़ एयरपोर्ट को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए सीएनएस व एटीएम से लैस किया गया है। इसके अलावा एयरपोर्ट पर ''वेरी हाई फ्रीक्वेंसी'' (वीएचएफ) की क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी है, जिससे पायलट और एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोलर) के बीच बेहतर संवाद हो सके।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अलीगढ़ एयरपोर्ट को अब संचार, नेविगेशन और सर्विलांस (सीएनएस) तथा एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट (एटीएम) जैसी उन्नत सेवाओं से लैस हो गया है।
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विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अलीगढ़ सहित संबंधित एयरपोर्ट को 63,21,250 (लगभग 64 लाख रुपये) आवंटित किए हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा इन सेवाओं के माध्यम से उड़ानों की सटीक निगरानी और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा एयरपोर्ट पर ''वेरी हाई फ्रीक्वेंसी'' (वीएचएफ) की क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी है, जिससे पायलट और एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोलर) के बीच बेहतर संवाद हो सके।
इसका मुख्य उद्देश्य छोटे शहरों से उड़ान भरने वाले विमानों को वही अत्याधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल और नेविगेशन तकनीक उपलब्ध कराना है, जो बड़े महानगरों के एयरपोर्ट पर होती है। नागरिक उड्डयन निदेशक यह धनराशि सीधे जिलाधिकारियों को आवंटित करेंगे ताकि कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
सीएनएस और एटीएम सिस्टम एयरपोर्ट पर लग चुके हैं। वीएचएफ की क्षमता बढ़ाने का काम होना है। इसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ में बहुत ही मदद मिलेगी। जल्द ही यहां से उड़ाने भी शुरू होने जा रही हैं। इसके लिए एयर लाइन कंपनियों को प्रस्ताव दिए गए है।- सत्यव्रत सारस्वत, कार्यवाहक निदेशक विमानपत्तन