एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर शरबत निशात अफरोज लांच करते हुए।
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वोकल फॉर लोकल के नारे को बुलंद करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दवाखाना तिब्बिया कॉलिज ने अपने एक उत्पाद शरबत-ए-निशात अफरोज को दोबारा लांच किया है। शरबत-ए-निशात अफरोज दवाखाना तिब्बिया कालेज का एक लोकप्रिय शरबत था जिसका उत्पादन लगभग 25 वर्षों से बंद था। जनता की मांग पर इसका दोबारा उत्पादन आरंभ कर दिया गया है।
कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने इस उत्पाद का आनलाइन उद्घाटन करते हुए कहा कि शरबत-ए-निशात अफरोज को बाजार में लाना समय की आवश्यकता थी। वर्तमान समय में हर्बल पदार्थों पर आधारित यह शरबत लोगों के लिये स्वास्थ्यवर्धक साबित होगा। उन्होंने कहा कि गर्मियों में इसे पूरे देश में उपलब्ध कराना चाहिये। रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस ने कहा कि मार्केटिंग की सही रणनीति से शरबत-ए-निशात अफरोज मी मांग बढ़ेगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा होने के बावजूद यह जनता में लोकप्रिय होगा। दवाखाना तिब्बिया कालेज की मेम्बर इंचार्ज प्रो. सलमा अहमद ने कहा कि उपभोक्ताओं के मनोविज्ञान को दृष्टिगत रखते हुए शरबत-ए-निशात अफरोज को आकर्षक रूप में बाजार में उतारा गया है। कालेज के कार्यवाहक प्रबंधक तौफीक अहमद ने कहा कि हालांकि शरबत-ए-निशात अफरोज गत 25 वर्षों से बाजार में उपलब्ध नहीं था फिर भी यह अपने स्वाद के कारण जनता में अवश्य लोकप्रिय होगा।