जिले में अपराधों पर नियंत्रण का मखौल उड़ाते हुए बृहस्पतिवार आधी रात चोरों ने जिला कारागार के जेलर के आवास पर धावा बोल दिया। खटपट होने पर जेल स्टाफ व पुलिस ने एक बदमाश को दबोच लिया। बदमाश के दो साथी भागने में सफल रहे। पकड़ा गया बदमाश नशे में धुत था, जिसे जेलर की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर शाम को जेल भेज दिया गया।
जेलर पीके सिंह का आवास जेल परिसर के बाहरी हिस्से में डीआईजी कार्यालय के सामने है। पीके सिंह बृहस्पतिवार को कासगंज कारागार में सरकारी कार्य से गए हुए थे। घर पर पत्नी कावेरी सिंह और बच्चे थे। रात करीब एक बजे कुछ बदमाश बाउंड्री फांदकर अंदर आ गए और लॉन में रखा टेबिल फैन कब्जे में कर लिया। विंडो एसी खोलने लगे। खटपट की आवाज होने पर कावेरी सिंह ने तत्काल जेल गेट पर सूचना देते हुए एसएसपी को भी फोन कर दिया। पुलिस को आता देख दो बदमाश भाग गए, जबकि एक को दबोच लिया गया। वह नशे में धुत होकर वहां बैठकर कुत्ते के साथ रोटी खा रहा था। इसके बाद बाहर देखने पर एक बाइक खड़ी मिली, जबकि एक भागे हुए बदमाशों की बाइक नाले में पड़ी मिली।
पकड़ा गया बदमाश दोपहर तक ड्रग्स के नशे में धुत रहा। बहकी बहकी बातें करते हुए कहा था कि दोस्तों संग ससुराल से लौट रहा था। सर्विलांस ऑफिस में मोबाइल खोने की सूचना देने जाना था। इस दौरान जांच में पता चला कि उसके साथियों की जो बाइक नाले में पड़ी मिली, वह शाम आठ बजे शमशाद मार्केट के पास से चोरी की गई थी।
सीओ तृतीय अनिल समानिया ने बताया इस प्रकरण में कावेरी सिंह की तहरीर पर पकड़े गए आसिफ उर्फ आशीष खान उर्फ आसू निवासी अब्दुल्ला रोड व उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रथमदृष्टया निकल कर आ रहा है, ये सभी नशे में थे और चोरी के इरादे से घर में घुसने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन पुलिस अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है। आरोपी के परिजनों ने स्वीकारा है कि जून के अंतिम सप्ताह में ही नशा मुक्ति केंद्र से छूटकर आया है।
निर्धारित आवास से दूसरे आवास में रह रहे हैं जेलर
अलीगढ़ जेलर पीके सिंह को जो आवास दिया गया है, वह उनके पद के अनुसार आवास नहीं है। जो आवास जेलर को मिलना चाहिए वह आवास गैर पुलिस विभाग के अधिकारी को दे रखा है। जो आवास पीके सिंह को दिया गया है वह जेल परिसर में बिल्कुल बाहर की ओर है। जहां पर शाम से ही सन्नाटा हो जाता है । जेलर पीके सिंह ने बताया वह इस समय कासगंज में हैं और उन्हें इस घटना के बारे में पता लगा है। बदमाशों का वास्तविक इरादा क्या था यह बाद में ही पता लग सकेगा।