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अलीगढ़ : एएमयू के फरार छात्र नेता भी किसानों की रिहाई सूची में

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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एएमयू छात्रों का दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर पहुंचकर किसान आंदोलन को समर्थन करना यूं ही नहीं है। किसानों ने अपने मांग पत्र में देश के जिन बुद्धिजीवियों और छात्र नेताओं की रिहाई का मुद्दा शामिल कर रखा है, उनमें एएमयू से जुड़े वह छात्र नेता भी शामिल हैं, जिसे एक सप्ताह पहले तक सिविल लाइंस पुलिस तलाश रही थी। किसानों के धरनास्थल पर इन लोगों के फोटो भी लगे हैं, जिनमें फरहान जुबैरी का फोटो व नाम भी शामिल है।
एएमयू में पिछले माह फ्रांस में हुई एक घटना के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के अगले दिन एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एएमयू के छात्र नेता व एमआईएम युवा संगठन के पश्चिमी यूपी प्रभारी फरहान जुबैरी ने यह विवादित बयान दिया था कि अगर कोई हमारा अपमान करेगा तो उसका सिर कलम कर देंगे। कोई पैगंबर साहब की तरफ उंगली उठाएगा तो उसकी उंगली तोड़ देंगे। इस वीडियो के वायरल होने पर सिविल लाइंस पुलिस ने फरहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद से लगातार तलाश रही है।
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पुलिस टीमें बिहार, बुलंदशहर और दिल्ली तक घूम आईं। मगर, फरहान का सुराग नहीं लगा। अब उसको दिल्ली में आंदोलनरत किसानों ने उस सूची में रखा है, जिसमें वे देश के कुछ बुद्धिजीवियों व छात्र नेताओं की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने उसी सूची के अनुसार अपने धरना स्थल पर जो फोटो पोस्टर लगाया है, उसमें भी फरहान जुबैरी का नाम व फोटो लिखा है।
. यह सही है कि एएमयू छात्र नेता फरहान जुबैरी फ्रांस की घटना के बाद हुए प्रदर्शन में विवादित बयान देने के मुकदमे में वांछित है। लगातार पुलिस उसे अब तक तलाश रही थी। मगर, पिछले सप्ताह हाईकोर्ट में फरहान ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें उसके पक्ष में आदेश दिया है कि वह 45 दिन में न्यायालय में हाजिर होकर अपनी जमानत अर्जी पेश करे। इसलिए अब वह न्यायालय में पेश होगा। तब पुलिस अपने मुकदमे में आगे कार्यवाही करेगी। - रविंद्र दुबे इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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देशद्रोह के आरोपी शरजील इमाम का फोटो भी लगा
किसानों के धरनास्थल पर लगे फोटो में शरजील इमाम का भी फोटो लगा है। बता दें कि शरजील बेशक दिल्ली की तिहाड़ जेल में है और जेएनयू छात्र नेता है। मगर उस पर अपने यहां सिविल लाइंस में भी देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है। उसने यहां सीएए-एनआरसी विरोधी आंदोलन के एएमयू छात्रों के धरने में विवादित बयान दिया था, जिस पर यह मुकदमा दर्ज हुआ था। उसकी जमानत अर्जी सत्र न्यायालय में लंबित है।
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