न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
उच्चतम न्यायालय ने कोरोना काल में बेरोजगार सेक्स वर्करों को दिसंबर माह में खाद्यान्न किट बांटी जाएंगी। पूर्ति विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में दैनिक श्रमिकों के अलावा सेक्स वर्कर भी बेरोजगार हो गए थे। इस मामले उच्चतम न्यायालय ने आदेश जारी कर सेक्स वर्करों को भी खाद्यान्न किट देने के आदेश दिए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी राजेश सोनी ने बताया कि दिसंबर माह में जिले के पंजीकृत 105 सेक्स वर्करों को मुफ्त खाद्यान्न किट उपलब्ध करा दी जाएंगी। हर किट में 5 किलो आटा, 5 किलो चावल, 1 किलो दाल, 1 किलो रिफाइंड या सरसों का तेल, 5 किलो आलू व मसाले शामिल होंगे।
अब तक बजट न आने से सांसत में अफसर
अलीगढ़। सेक्स वर्करों को दी जाने वाली किट 800 रुपये प्रति व्यक्ति कीमत की पड़ रही है। इस तरह 105 सेक्स वर्करों को किट देने को पूर्ति विभाग को 84 हजार के बजट की जरूरत है, लेकिन शासन से बजट न मिलने के कारण अफसरों का बुरा हाल है। एक तरफ उन्हें न्यायालय की अवमानना का भय है तो दूसरी तरफ फजीहत का भी खौफ है। डीएसओ ने माना कि खाद्यान्न किट के लिए अभी बजट नहीं मिला है, लेकिन जल्द मिल जाएगा।