फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्पीड़न कराने पर की थी छात्र आलमगीर की हत्या

Mon, 19 Sep 2016 01:21 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
उत्पीड़न कराने पर की थी छात्र आलमगीर की हत्या - फोटो : rupesh
विज्ञापन
एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की हत्या के ठीक एक साल बाद यह बात रविवार को उजागर हुई है कि उसकी हत्या आशुतोष मिश्रा का सिर फोड़ने के बदले के साथ-साथ तत्कालीन प्रॉक्टर के बेहद करीबी होने की वजह से की गई।
विज्ञापन

वह प्रॉक्टर के करीबी होने के चलते आशुतोष-मुनीर गैंग का कैंपस में उत्पीड़न करता था। जब जिसे मन आया, उसे निलंबित करा देता या बाहर का रास्ता दिखवा देता था। इन्हीं बातों से आजिज आकर उसकी आशुतोष का इशारा मिलते ही हत्या कर दी गई।
यह बातें 33 घंटे की रिमांड पर आए कुख्यात शूटर मुनीर ने पुलिस पूछताछ में उजागर की हैं। साथ ही मैरिस रोड के अलिग प्लाजा की छत से हत्या में प्रयुक्त .32 बोर की एक पिस्टल बरामद कराई है। रहा सवाल आलमगीर की हत्या में .9 एमएम पिस्टल के प्रयोग का तो यह पिस्टल लखनऊ में सिपाही की हत्या कर लूटी गई थी, जिसे नोएडा में गिरफ्तारी के समय एसटीएफ ने मुनीर से बरामद कर लिया था।
विज्ञापन

रविवार सुबह आठ बजे जेल से 33 घंटे के रिमांड पर लिए गए स्योहरा बिजनौर के मुनीर ने पूछताछ में बताया कि बेशक आशुतोष-आलमगीर के बीच झगड़ा दो साल पहले बस यात्रा के दौरान हुआ। वह तभी से उससे बदला लेने के इरादे से घूमते रहते थे।
कभी ऐसा मौका नहीं आया। मगर जैसे-जैसे वह प्रॉक्टर के संबंधों का लाभ उठाकर हम लोगों को परेशान कराने लगा, वैसे-वैसे उसके प्रति गुस्सा पनपने लगा। जिस वक्त हत्या हुई, उस वक्त वह करीब 15 दिन से कैंपस के अंदर व बाहर उसे तलाश रहे थे। 18 सितंबर की दोपहर वह अचानक मिल गया और उसे मार दिया गया।
इस हत्याकांड में मौके पर उसके साथ सऊद, रेहान आजमी, शादाब, अतीउल्ला थे। इसके अलावा आशुतोष व तारिक निवासी चकिया आजमगढ़ भी इस हत्या की प्लानिंग में शामिल थे।
मुनीर ने स्वीकारा कि वह फरारी के दौरान शहर के अलिग प्लाजा में अतीउल्ला व सऊद के साथ किराये पर रहा। इसी दौरान आलमगीर की हत्या की। इससे पहले आशुतोष मिश्रा व वरुण की मदद से वह विद्या नगर में मिलन मुखर्जी के मकान में किराये पर रहा। इस मकान में ज्यादातर किरायेदार रहते हैं। इस दौरान मीनाक्षी पुल वाली 31 लाख की लूट को अंजाम दिया। इसके अलावा ओरा पर्ल के प्रथम तल पर एक फ्लैट में किराये पर रहा।
इस दौरान रेलवे रोड पर 35 लाख की लूट को अंजाम दिया था। रविवार को पुलिस टीम कड़े सुरक्षा घेरे में उसे तीनों ठिकानों पर लेकर गई। जहां अब रहने वाले ज्यादातर किरायेदार बदल चुके हैं। हालांकि उन ठिकानों पर कुछ नहीं मिला। मगर अलिग प्लाजा की छत पर .32 बोर की वह पिस्टल बरामद हुई, जो आलमगीर की हत्या में प्रयोग की गई।

सहारनपुर निवासी एएमयू छात्र आलमगीर की हत्या में अभी मुनीर का रिमांड जारी है। अब तक की पूछताछ में उसने जो बातें बताई हैं, उन्हें छान-छानकर विवेचना में शामिल किया जा रहा है। फिलहाल पिस्टल बरामद कराई है। तीन ठिकाने दिखाए हैं। लूट की रकम अब बरामद होना संभव नहीं बता रहा। फिर भी वरुण व दीपू पुलिस के रडार पर हैं। जो अन्य नाम सामने आए हैं, उन्हें भी जांच की जद में रखा जा रहा है। अब रात में उससे संरक्षणदाताओं को लेकर पूछताछ होगी।
विज्ञापन

-राजीव सिंह, सीओ तृतीय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें