इलाज के अभाव में समाजवादी एंबुलेंस में दम तोड़ा
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बुखार से तप रहे एक पचास वर्षीय व्यक्ति ने उपचार की राह तकते हुए समाजवादी एंबुलेंस में रविवार को दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने जब जेबों की तलाशी ली तो उसमें आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र मिले। जिसके आधार पर उसकी पहचान मनवीर पुत्र विशंभर निवासी हीसेंल, थाना चंडौस के रूप में की गई।
हुआ यह कि 50 वर्षीय मनवीर रविवार को सांय पांच बजे कहीं से बस द्वारा खैर किसी कार्य से आया था। वह बस से उतरा तो उसे बहुत तेज बुखार था। वह अलीगढ़ बस स्टैंड पर ही लेट गया तथा वहां उसे इस हालत में देख एक युवक ने 108 नंबर पर एंबुलेंस को कॉल किया। बताते हैं कि लगभग एक घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची तथा उसे उठाकर सीएचसी ले गई। वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
जिस पर उसे अलीगढ़ रेफर करने की तैयारी करने लगे। इस दौरान लगभग पच्चीस मिनट तक किसी स्वास्थ्य कर्मी ने उसे एंबुलेंस से उतारने तथा प्राथमिक उपचार देने की जहमत नहीं उठाई। सूचना पर पुलिस पहुंची, इससे पूर्व ही व्यक्ति ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। यदि प्राथमिक उपचार दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। समाचार लिखे जाने तक मृतक का कोई परिजन खैर नहीं पहुंचा था।
उल्लेखनीय यह भी है कि नीमखेड़ा निवासी बुखार से पीड़ित पुष्पेंद्र पुत्र ज्ञानचंद शनिवार की रात्रि ग्यारह बजे से रविवार की दोपहर एक बजे तक उपचार के लिए सीएचसी में खुले प्रांगण में पड़ा रहा। लेकिन डॉक्टर के अभाव में उसे भी कोई उपचार नहीं मिला।
हारकर परिजन उसे प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए। चिकित्साधीक्षक डॉ. राहुल शर्मा का कहना है कि रविवार को सीएमओ ने अर्जेंट बैठक बुलाई थी, वह उसमें गए थे। उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।