जवान बेटे आलमगीर के जनाजे को कंधा देने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग एवं बीमार वालिद शमीम अहमद ने एएमयू के सह कुलपति सैयद अहमद अली पर मर्डर में हाथ होने का आरोप लगाकर खलबली मचा दी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि सीबीआई जांच नहीं हुई तो वे सह कुलपति के खिलाफ थाने में एफआईआर भी कराने से पीछे नहीं हटेंगे।
शुक्रवार को वीसी लॉज के सामने धरना स्थल पर एएमयू के सैकड़ों छात्रों के साथ जुमे की नमाज पढ़ने के बाद आलमगीर के वालिद ने माइक से पीवीसी पर आरोप लगाकर सबको हैरत में डाल दिया। उन्होंने छात्रों से कहा कि मेरा बेटा चला गया। अब आप सब मेरे बेटे हैं। मैने मुश्किल से अपने बच्चों को पढ़ाया है। 80 हजार रुपये कर्ज लेकर आलमगीर को लैपटॉप खरीदकर दिया। उन्होंने कहा कि वे जिस होटल में रुके है, वहां आज पीवीसी गए थे लेकिन गेट से ही भाग आए। वे क्यों वापस आए, इसका कारण मालूम नहीं। लोग बता रहे हैं कि मीडिया के डर से भागे हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी द्वारा मुआवजा देने की पेशकश पर आक्रोश जताया और कहा कि बेटे की मौत की कोई कीमत नहीं होती। वीसी-पीवीसी अपने बेटे को गोली मार दें, पचास लाख देंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे कल रेलवे ट्रैक जाम कर दें, सारे अधिकारी उनके पास आ जाएंगे।
आलमगीर के चाचा ने कहा कि औलाद की फरियाद लेकर आपके सामने हूं। कुलपति एवं सह कुलपति हमसे मुलाकात करना भी उचित नहीं समझा। कहीं न कहीं इस केस में इंतजामिया शामिल है। सीबीआई जांच कराई जाए ताकि असलियत सामने आए। इंतजामिया दस लाख रुपये और नौकरी का ऑफर दे रही है। जहां हमारे बच्चे का कत्ल हुआ, क्या वहां हम नौकरी करेंगे। हमलोगों के खिलाफ साजिश रची जा रही है। कुछ भी हुआ तो इंतजामिया जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि एएमयू में दो सौ मीटर जमीन दे। आलमगीर के परिजन वहां मुसाफिरखाना अपनी खर्च से बनाएंगे, जहां छात्रों के अभिभावक रह सकेंगे। इसमें एएमयू का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं सपा नेता शहजाद आलम बरनी ने कहा कि छात्र की मौत की कीमत न लगाई जाए। कार्यक्रम को कोर्ट मेंबर अदील अलवी, अफाक अहमद, कुंवर मोहम्मद अहमद, जानिब हसन, सद्दाम हुसैन आदि ने संबोधित किया। ज्ञात हो कि 18 सितंबर को एएमयू कैंपस में छात्र आलमगीर की गोलियों से छलनी कर दिया गया था, जिनकी मौत उपचार के दौरान जेएन मेडिकल कॉलेज में हो गई थी। आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। छात्र सीबीआई जांच की मांग को लेकर वीसी लॉज के सामने 5 दिन से धरना दे रहे है।