न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
पार्टी आलाकमान जिले में थी, दिल में बड़े अरमान थे। दो मिनट ही बोल पाते। सपा के पूर्व विधायकों, जिला कमेटी और कुछ प्रमुख नेताओं की ये उम्मीद टूट गई। मंच पर अचानक जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने पूर्व विधायकों, जिलाध्यक्षों, जिला कमेटी के पदाधिकारियों के बारे में एलान किया कि वक्त की कमी के कारण उनका संबोधन नहीं कराया जाएगा। इतना सुनते ही इन नेताओं का चेहरा लाल हो गया।
वह अखिलेश यादव की उपस्थिति के लिहाज और अनुशासन प्रदर्शन करने के कारण मंच पर कुछ नहीं बोल सके, लेकिन अखिलेश की विदाई के बाद ये गुस्सा फूटा।
पूर्व विधायकों सहित जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने इस पर बेहद कड़ी नाराजगी जताई है। खैर के कुछ सपा पदाधिकारियों का गुस्सा ये था कि उनको मंच तक नसीब नहीं हुआ। मंच पर व्यवस्था संभाल रहे सपा नेताओं पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने जानबूझ कर ऐसा किया। पूरी महापंचायत चौ. बिजेंद्र सिंह के हाथों में चली गई। उन्होंने अपने खास लोगों को महत्व दिया। उनको मंच पर बुला कर संबोधन कराया गया। हालांकि, जिलाध्यक्ष ने कहा है कि समय की कमी के कारण पूर्व सीएम को जल्द ही वापस जाना था। इसलिए चाहते हुए भी वह स्थानीय लोगों का संबोधन नहीं करा पाए।
जिले भर के सपा नेताओं में ये बात बेहद चर्चा में है। सपा प्रदेश नेतृत्व को भी इससे अवगत कराया जा रहा है, जिससे पूर्व सीएम तक अपनी बात पहुंचाई जा सके। हालांकि, अखिलेश यादव ने किसानों की भीड़ को देखते हुए महापंचायत के आयोजन में लगे सभी सपाइयों की सराहना की, लेकिन उनकी विशेष सराहना जिलाध्यक्ष गिरीश यादव और पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह के खाते में आई। जिससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले दूसरे नेता खफा हुए। मंच पर पूर्व विधायक जफर आलम, जमीरउल्लाह, वीरेश यादव, ठा. राकेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष अहमद सईद सिदीकी, रत्नाकर पांडेय, डा. कृपाल सिंह यादव सहित अन्य नेता और जिला सचिव मुकेश माहेश्वरी मौजूद थे।