सड़क पर शव रखकर परिजनों ने लगाया जाम, मौके पर तैनात आरएएफ के जवान।
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चेहरे और गर्दन पर खरोंच के निशान। कटे होंठ। बाजू पर खरोंच के निशान और शरीर पर कई जगह नाखूनों के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि बेटी ने अपनी जान गंवाकर आबरू बचाई है। किशोरी बचपन से ही कम सुनने और कम बोलने की समस्या से ग्रसित थी। बमुश्किल वह धीमी आवाज में थोड़ा बोल पाती थी। उसकी इस कमजोरी का दरिंदों ने फायदा उठाने की कोशिश की। अंदेशा है कि अपने इरादे में सफल न होने और पहचाने जाने के डर से वे उसकी हत्या कर भाग गए होंगे।
सोमवार शाम अपने कार्यालय पर एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत का कारण गला और मुंह दबाना स्पष्ट हुआ है। इसके अलावा किशोरी की गर्दन, चेहरे पर खरोंच के काफी निशान हैं। उसके होंठ भी अंदर की ओर से कटे हुए हैं। होठ कटने के पीछे रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख है कि कहीं मुंह के बल गिरने के दौरान खुद के दांतों से होंठ कटे हैं या हो सकता है कि हमले में हमलावर ने काटे हों। इसके अलावा उसके शरीर पर खरोंच के निशान बाजुओं से लेकर अन्य कई हिस्सों में हैं। जब उसे फसल में खींचकर लाया गया है तो घास व पयार आदि से खरोंच के निशान पड़ सकते हैं। इसके अलावा उसके शरीर पर कई जगह नाखूनों के निशान भी पाए गए हैं। बाकी शरीर पर अन्य कोई चोट नहीं पाई गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट कर रही है कि किशोरी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई है। किशोरी ने विरोध किया तो हमलावरों को लगा होगा कि वे पकड़े जाएंगे। इसके चलते उसे मुंह व गला दबाकर मारा गया होगा।